ताज़ा खबर
 

विश्व संस्कृत सम्मेलन: सुषमा ने की मोदी सरकार के कामकाज की तारीफ

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के घरेलू और विदेशी मोर्चों पर किये गये 13 महीने के कामकाज की तारीफ करते हुए आज कहा कि बदलाव आया...

Author Published on: June 28, 2015 1:03 PM
सुषमा स्वराज ने कहा, नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले एक साल में विदेशों में भारत की छवि सुधरी है। (PTI File Photo)

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के घरेलू और विदेशी मोर्चों पर किये गये 13 महीने के कामकाज की तारीफ करते हुए आज कहा कि बदलाव आया है और अब जब भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।

16वें विश्व संस्कृत सम्मेलन में शामिल होने यहां आईं सुषमा ने भारतवंशियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मातृभूमि की ओर ध्यान देना चाहिए और ‘माटी का कर्ज’ लौटाना चाहिए।

16वें विश्व संस्कृत सम्मेलन की शुरुआत कल होगी जिसमें 60 देशों के 600 से अधिक विद्वान शामिल हो रहे हैं।

पिछले 30 साल में भारत में बनी किसी पार्टी की पहली बहुमत सरकार से जनता में अनेक अपेक्षाएं होने की बात स्वीकारते हुए सुषमा ने दावा किया, ‘‘पिछले एक साल में विदेशों में भारत की छवि सुधरी है। जब भारत की छवि सुधरती है तो वहां रहने वाले भारतीयों को भी संबल मिलता है। आज जब भारत बोलता है तो दुनिया उसे सुनती है। बदलाव आया है। भारत में भी यह बदलाव दिखाई देता है।’’

उन्होंने राजग सरकार की अनेक योजनाओं के नाम गिनाते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह हुआ है।’’

वह यहां अपने सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में बोल रहीं थीं जहां योग पर एक निशुल्क मोबाइल एप की भी शुरुआत की गयी।

सुषमा ने थाईलैंड में रहने वाले भारतवंशियों से कहा कि भारत में मोदी सरकार के नेतृत्व में हालात बदले हैं और भारत के विकास में उनके योगदान के अपार अवसर हैं। थाईलैंड में एक अनुमान के मुताबिक करीब दो लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं।

सुषमा की आज से शुरू हुई तीन दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और थाईलैंड दोहरे कराधान से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। विदेश मंत्री भारत-थाईलैंड संयुक्त आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता भी करेंगी जिसमें दोनों देश एक दोहरे कराधान अपवंचन संधि पर हस्ताक्षर करेंगे और 2013 में हस्ताक्षरित प्रत्यर्पण संधि की अभिपुष्टि के दस्तावेजों का आदान प्रदान करेंगे।

सुषमा के इस दौरे पर किसी एक थाई विश्वविद्यालय में एक आयुर्वेद पीठ की स्थापना के लिये सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर होंगे। विदेश मंत्री इस दौरान भारतीय व्यावसायिक नेताओं से मिलेंगी और शिक्षाविदों के साथ चर्चा करेंगी। वह समारोह में संस्कृत में अपना भाषण देंगी। वह संस्कृत विद्वान और विश्व संस्कृत सम्मेलन की शाही संरक्षक राजकुमारी महा चक्री श्रींधोर्न से मिलेंगी।
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी दो जुलाई को सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेंगी। सोमवार को सुषमा थाईलैंड के राजनीतिक नेतृत्व से मिलेंगी। वह थाईलैंड सरकार के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जनरल तानासाक पातिमप्रगोर्न से मिलेंगी।

सुषमा के यहां पहुंचने पर उनकी अगवानी थाईलैंड के राजदूत चलित मणित्याकुल तथा विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। सम्मेलन के अवसर पर ही भारत में दूरदर्शन संस्कृत में एक साप्ताहिक समाचार कार्यक्रम शुरू करेगा। 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही संस्कृत का संवर्द्धन राजग सरकार की योजनाओं में शामिल रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories