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पहली भारत-अरब मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए स्वराज बहरीन पहुंचीं

सऊदी अरब और ईरान के तनावों के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत-अरब लीग सहयोग मंच की प्रथम मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए शनिवार यहां पहुंचीं

Author मनामा | January 23, 2016 11:50 PM
बहरीन के सुलतान हामिद बिन अल खलीफा से हाथ मिलातीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

सऊदी अरब और ईरान के तनावों के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत-अरब लीग सहयोग मंच की प्रथम मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए शनिवार यहां पहुंचीं। यात्रा का उद्देश्य इस 22 सदस्यीय संगठन के साथ देश के संबंधों को मजबूत करना है। सुषमा यहां दो दिनों के दौरे पर आई हैं। वह अपने बहरीनी समकक्ष खालिद बिन अहमद अल खलीफा सहित अरब लीग के सदस्य देशों के कई विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगी। वह अपनी यात्रा के दौरान शनिवार बहरीन के शाह हमद बिन इसा अल खलीफा से भी मिलेंगी। विदेश मंत्री के तौर पर बहरीन की उनकी यह दूसरी यात्रा है। उन्होंने साल 2014 में एक द्विपक्षीय बैठक के लिए बहरीन की यात्रा की थी।

वह यहां एक अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भी शरीक होंगी जिसमें भारत का स्वदेश निर्मित हल्का लड़ाकू विमान तेजस भाग ले रहा है। यह पहला मौका है जब तेजस एक अंतरराष्ट्रीय विमान प्रदर्शनी में शामिल हो रहा। नई दिल्ली में नवंबर 2014 में दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के अपनी प्रथम बैठक करने के साल भर से अधिक समय बाद रविवार मंत्रीस्तरीय बैठक हो रही है।
भारत और अरब लीग के द्विपक्षीय मुद्दोें के समूचे परिदृश्य पर चर्चा करने की उम्मीद है जिसमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और संस्कृति सहित अन्य मुद्दे शामिल हैं। आतंकवाद, सुरक्षा से लेकर सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव जैसे कई मुद्दों पर भी चर्चा होेने की उम्मीद है। सऊदी-ईरान तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में चर्चा के लिए आ सकता है जबकि ईरान अरब लीग का हिस्सा नहीं है।

सऊदी अरब ने प्रमुख शिया धर्मगुरू शेख निम्र अल निम्र सहित 46 अन्य को मौत की सजा दी जिसकी समूचे क्षेत्र के शियाओं ने निंदा की। विदेश मंत्री की यहां की यात्रा इसलिए भी माने रखती है कि इस महीने पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर हुए हमले के साथ-साथ दुनिया आतंकवाद की चुनौती का सामना कर रही है। भारत और अरब लीग के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्र पर आतंकवाद रोधी सहयोग होने की उम्मीद है।

सऊदी अरब ने हाल ही में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए 34 सदस्यीय सैन्य गठबंधन बनाया है। पाकिस्तान भी इसमें शामिल किया गया लेकिन वह इसमें शामिल होने से हिचकिचाता रहा क्योंकि ईरान इस गठजोड़ का सदस्य नहीं है जबकि इस मुल्क के साथ उसके अच्छे संबंध है।

पिछले कुछ वर्षों में अधिकतर अरब देशों के साथ भारत का व्यापार बढ़ा है। खाड़ी क्षेत्र भारत की तेल और गैस जरूरतों का 60 प्रतिशत से अधिक पूरा करता है। भारत और अरब लीग के बीच साल 2013 में एक सहयोग पत्र पर हस्ताक्षर हुआ था। इस समझौते के मुताबिक साल 2014 में प्रथम वरिष्ठ अधिकारी बैठक हुई जबकि प्रथम मंत्रिस्तरीय बैठक रविवार से होगी।
मंत्रिस्तरीय बैठक एक साल के अंतराल पर होगी और अरब लीग के सदस्य देश और भारत में यह बारी-बारी से होगी। लीग का मुख्यालय मिस्त्र में है।

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