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नेपाल में 7.9 तीव्रता के भूकंप से 150 से ज़्यादा लोगों की मौत

नेपाल में आज 7.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया जिससे राजधानी काठमांडो में भारी नुकसान हुआ और भारत समेत पडौसी राज्यों में भी इसके झटके महसूस किए गए...
Author April 25, 2015 16:26 pm
अमेरिकी जियोलोजिकल सर्वे के अनुसार भूकम्प भारतीय समयानुसार पूर्वान्ह 11 बजकर 41 मिनट पर काठमांडो से 81 किलोमीटर उत्तरपश्चिम में आया। (फ़ोटो-एपी/पीटीआई)

नेपाल में आज 7.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से कम से कम 150 लोगों की मौत हो गयी है और एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल तथा राजधानी में सदियों पुरानी धरहरा मीनार सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं जिसकी वजह से कई लोग फंस गए।

भूकंप का केंद्र काठमांडो से उत्तर पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर लामजुंग में था और बिहार तथा पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के कई शहरों में भी इसका असर महसूस किया गया। चीन के साथ ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी भूकंप महसूस किया गया।

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने कहा है कि भूकंप की तीव्रता 7.9 आंकी गयी और लंबे समय तक भूकंप का झटका महसूस किया गया।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि घनी आबादी वाली काठमांडो घाटी में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयी जिससे 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी।


भूकंप के कारण यूनेस्को विश्व विरासत स्थल में शुमार काठमांडो का दरबार स्क्वायर पूरी तरह बर्बाद हो गया।

अधिकारियों ने कहा है कि अब तक 150 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर मिली है।

नेपाल पुलिस के प्रवक्ता कमल सिंह बान ने बताया कि सबसे पहले दिन में 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप आया और इसके बाद झटका महसूस किया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘पोखरा में कुछ नुकसान हुआ है। गोरखा जिले में 10-12 लोगों की मौत हो गयी।’’ वहां पर संचार सेवा ध्वस्त हो गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानकारी जुटा रहे हैं और लोगों को निकालने के लिए काम कर रहे हैं।’’

भारतीय दूतावास के प्रवक्ता अभय कुमार ने बताया कि भूकंप की वजह से कुछ दीवारें ध्वस्त हो गयी और दूतावास ने दो हेल्पलाइन शुरू किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा कि भूकंप से कई पुरानी दीवारें गिर गयी। भूकंप के बाद भी कई झटका आता रहा। लोग अब भी बाहर हैं।’’

राजधानी के केंद्र में ऐतिहासिक धरहरा मीनार ध्वस्त हो गयी और कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।

नेपाल के कांतिपुर टीवी ने दिखाया कि भूकंप के बाद 21 शवों को एक जगह पर रखा गया। मुख्य सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि भूकंप के बाद से 36 शवों को लाया गया है। टेलीविजन फुटेजों में दिखा है कि बचाए गए लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।

खबरों में कहा गया है कि भूकंप की वजह से माउंट एवरेस्ट पर हिमस्खलन शुरू हो गया।

नेपाल के एक मंत्री ने बताया कि भूकंप केंद्र के पास जबरदस्त नुकसान हुआ है। सूचना मंत्री मिनेंद्र रिजल ने बताया, ‘‘हमें विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग की जरूरत है जिन्हें ज्यादा जानकारी है और जो इस तरह के आपात स्थिति से निपट सकती है।’’

शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 7.5 आंकी गयी बाद में इसकी तीव्रता 7.9 बतायी गयी और इसकी गहराई 15 किलोमीटर नीचे थी।

नेशनल रेडियो ने लोगों को बाहर रहने को कहा है क्योंकि अभी कई झटका आने की आशंका है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है।

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