अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के खिलाफ इस सप्ताह की दूसरी ‘रक्षात्मक’ कार्रवाई की। अमेरिका का कहना है कि अधिकारियों ने ईरान की सैन्य गतिविधियों में आक्रामकता नोटिस की।
समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी सेना ने चार ईरानी ड्रोन मार गिराए और एक ऐसे बेस पर हमला किया जो एक पांचवां ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी में था। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें लगा कि ये सभी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz की खाड़ी) के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। अधिकारियों ने संवेदनशील सैन्य ऑपरेशनों पर चर्चा करने के कारण नाम ना बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।
मीडिया की मौजूदगी में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरानी राज्य टीवी की एक रिपोर्ट को खारिज कर दिया। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान को एक अनौपचारिक ड्राफ्ट मिला है जिसके तहत एक महीने के भीतर युद्ध-पूर्व स्तर पर कमर्शियल शिपिंग को बहाल करने की बात कही गई थी। इसके अलावा इस ड्राफ्ट में ईरान व ओमान द्वारा मिलकर यातायात प्रबंधन की बात भी कहे जाने का दावा किया गया था।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि किसी भी एक देश का इस जलमार्ग पर नियंत्रण नहीं होगा। ट्रंप ने ओमान को लेकर चेतावनी भरे अंदाज़ में टिप्पणी की जिसके साथ अमेरिका के दशकों पुराने सैन्य और आर्थिक संबंध हैं।
होर्मुज जलमार्ग पर किसी का नियंत्रण नहीं
ट्रंप ने कहा, ”कोई भी इस (स्ट्रेट) पर नियंत्रण नहीं करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है और ओमान भी बाकी सभी की तरह ही व्यवहार करेगा वरना हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा। वे यह समझते हैं, वे ठीक रहेंगे।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वे ईरान के साथ हुए समझौते से अभी संतुष्ट नहीं हैं। साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने पर चर्चा नहीं कर रहा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान का इरादा बहुत दृढ़ है, वे समझौता करना चाहते हैं। अभी तक वे उस मुकाम तक नहीं पहुंचे हैं। हम इससे संतुष्ट नहीं हैं लेकिन हम संतुष्ट हो जाएंगे। या तो हम संतुष्ट होंगे या फिर हमें समझौता करना ही होगा।”
