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कभी स्कूल जाने के लिए रिश्तेदारों ने छोड़ा, आतंकियों से भिड़कर पाकिस्तानी महिला अफसर ने पेश की बहादुरी की मिसाल

पुलिस ने कहा कि आतंकवादी खाने पीने का सामान और दवाओं के साथ आए थे, उनकी योजना राजनयिक स्टाफ को बंधक बनाने की थी, लेकिन जैसे ही वे वाणिज्य दूतावास के गेट तक पहुंचे, पुलिस टीम ने अपनी पॉजिशन संभाली और कार्रवाई शुरू कर दी।

Author November 27, 2018 4:11 PM
सुहाई अजीज ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अपने पालन-पोषण में को दिया है। (Photo: twitter/@rnajm20)

कराची पुलिस की एक महिला अधिकारी ने शुक्रवार (23 नवंबर) को कई चीनी राजनयिक कर्मचारियों की जान बचाई। दरअसल भारी हथियार के साथ आतंकवादियों ने कराची में हमला कर दिया था। वरिष्ठ अधीक्षक सुहाई अजीज तलपुर ने सुरक्षा अभियान का नेतृत्व किया। कराची में इस हमले को बलूच लिबरेशन आर्मी, या बीएलए के सदस्यों द्वारा किया गया था। अजीज ने इस हमले को विफल कर दिया। सुहाई अजीज को एक बार निजी स्कूल में जाने की वजह से उनका गांव में रिश्तेदारों ने साथ छोड़ दिया था।

सुहाई ने सुनिश्चित किया कि आतंकवादी 9 हथगोले, राइफलों, मैग्जीन्स और विस्फोटकों के साथ आए थे। दूतावास भवन के अंदर राजनयिक कर्मचारियों तक नहीं पहुंचे। पुलिस ने कहा कि आतंकवादी खाने पीने का सामान और दवाओं के साथ आए थे, उनकी योजना राजनयिक स्टाफ को बंधक बनाने की थी। लेकिन जैसे ही वे वाणिज्य दूतावास के गेट तक पहुंचे, पुलिस टीम ने अपनी पॉजिशन संभाली और कार्रवाई शुरू कर दी। गोलीबारी में दो पुलिस अधिकारी मारे गए थे और सभी हमलावरों को भी नाकामयब कर दिया गया था।

सुहाई ने कहा कि उनका परिवार चाहता था कि वह एक चार्टर्ड एकाउंटेंट बन जाए, लेकिन उन्हें नौकरी बहुत कमजोर लग गई क्योंकि इसका कोई सामाजिक मूल्य नहीं था। सुहाई ने सीएसएस का एग्जाम दिया और इसे पहली बार में ही क्लीयर कर लिया। उनके पिता अजीज तलपुर, एक राजनीतिक कार्यकर्ता और लेखक, हमेशा अपनी बेटी के लिए बड़ा सपना देखते थे। अजीज ने बताया, “मेरे रिश्तेदारों ने मेरे साथ संबंधों को खत्म कर लिया था क्योंकि मैं चाहता था कि सुहाई पढ़ाई करे, क्योंकि वे केवल धार्मिक शिक्षा के पक्ष में थे।” “लेकिन मैंने अपनी बेटी की क्वालिटी शिक्षा प्रदान करने की कसम खाई।”

सुहाई अजीज ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और अपने पालन-पोषण में को दिया है। उन्होंने कहा कि, “मेरे माता-पिता राष्ट्रवादी हैं। एक बच्चे के रूप में वे जोर देते थे कि मैं सिंधी कविता याद करूं। इसने साहित्य और इतिहास में अपनी रुचि विकसित की, जिससे मुझे सीएसएस (सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज) परीक्षाओं में दोनों विषयों में ज्यादा नंबर मिले।” सुहाई ने तांडो मुहम्मद खान के एक निजी स्कूल में अपनी प्राथमिक शिक्षा शुरू की और इंटरमीडिएट के लिए बहेरिया फाउंडेशन ज्वाइन की। उसके बाद सिंध प्रांत के हैदराबाद के जुबैदा गर्ल्स कॉलेज से बीकॉम किया।

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