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स्टीफन हॉकिंग ने बीमारी से जूझकर ऊंचाइयों को छुआ

स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 मे इंग्लैंड के आॅक्सफोर्ड में एक शिक्षित परिवार फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग दंपति के यहां हुआ।

Author March 15, 2018 2:24 AM
स्टीफन हॉकिंग

स्टीफन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 मे इंग्लैंड के आॅक्सफोर्ड में एक शिक्षित परिवार फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग दंपति के यहां हुआ। बचपन से ही हॉकिंग अपनी बुद्धिमत्ता से लोगों को चौंका देते थे। हॉकिंग भाई और दो बहनों में सबसे बड़े थे। उनके पिता डॉक्टर थे और मां गृहिणी। हॉकिंग बचपन में ही ‘आइंस्टीन’ कहकर पुकारे जाने लगे थे।
बचपन  हॉकिंग की शुरुआती शिक्षा आॅक्सफोर्ड में हुई। बचपन से ही उनकी गणित में गहरी दिलचस्पी थी। वे शुरू में औसत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थी थे। उन्होंने बचपन में ही गणितीय समीकरणों को हल करने के लिए पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के हिस्सों से कंप्यूटर बना दिया था। हालांकि पिता उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे। खैर उस समय गणित विषय न होने के कारण उन्होंने आगे की पढ़ाई भौतिकी लेकर शुरू की और आगे भारतीय विज्ञानी जयंत नार्र्लीकर की सलाह से उन्होंने कोस्मोलोजी विषय का चयन किया। उन्होंने पीएचडी के लिए आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की परीक्षा पास की।

विकलांगता
स्टीफन 21 साल के थे। एक बार वे अपने घर पर आए और सीढ़ी से उतरते वक्त उन्हें बेहोशी का एहसास हुआ। वे तुरंत ही नीचे गिर पड़े। बाद में उन्हें इस लक्षण का बार-बार सामना करना पड़ा तो उन्हें जाने-माने चिकित्सकों ने देखा। तब पता लगा कि वे एक अनजान और कभी न ठीक होने वाली बीमारी से ग्रस्त है। इस बीमारी में शरीर के सारे अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं।
तब, डॉक्टरों ने कहा था कि हॉकिंग दो वर्ष से अधिक नहीं जी पाएंगे और उनकी जल्द ही मृत्यु हो जाएगी। लेकिन हॉकिंग ने अपनी इच्छा शक्ति पर पूरी पकड़ बना ली थी और उन्होंने कहा की मैं 2 नहीं पूरे 40 साल तक जीवित रहूंगा। हॉकिंग ने जो कहा उसे अपनी अदम्य इच्छा शक्ति से पूरी कर दिखाया।
अपनी इसी बीमारी के बीच में ही उन्होंने अपनी पीएचडी पूरी की और अपनी प्रेमिका जेन वाइल्ड से विवाह किया। तब तक हॉकिंग का पूरा दाहिना हिस्सा खराब हो चुका था। धीरे-धीरे स्टीफन की शारीरिक क्षमता में गिरावट आनी शुरू हो गई। उन्होंने बैसाखी का इस्तेमाल शुरू कर दिया और नियमित रूप से व्याख्यान देना बंद कर दिया।
बीमारी बढ़ने पर उन्हें व्हील चेयर की जरूरत हुई, उन्हें वह भी दे दी गई। जब हर कोई उम्मीद छोड़ चुका था तब स्टीफन अपने असीम विश्वास के बूते नई इबारत लिखनी शुरू कर दी थी।
उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे दौरों पर जाते थे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। वे निधन से पहले तक निरंतर शोध कार्य में लगे रहे। उन्होंने कई अहम सिद्धांत दिए। अंतरिक्ष विज्ञान में उनका योगदान बेमिसाल रहा।
विवाह
हॉकिंग ने पहली शादी प्रेमिका जेन वाइल्ड से 1965 में की। उन्होंने 1995 में तलाक दे दिया। हॉकिंग की दूसरी शादी ऐलेन मैसन से 1995 में हुई। जिन्होंने उन्हें 2006 में तलाक दिया। कहा जाता है उनकी पहली पत्नी जेन वाइल्ड बहुत धार्मिक थीं जबकि हॉकिंग हमेशा से भगवान के अस्तित्व को चुनौती देते थे।
स्टीफन हॉकिंग ने 2007 में अंतरिक्ष की सैर भी की। इसमें वे शारीरिक तौर पर सही पाए गए। उन्हें भौतिकी के छोटे-बड़े कुल 12 पुरस्कारों से नवाजा गया।

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