scorecardresearch

श्रीलंका में बचा है सिर्फ एक दिन का पेट्रोल- नए PM ने स्वीकारा, 15 घंटे तक हो सकती है बिजली की कटौती

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय जरूरी सामानों की खरीद के लिए 7 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिन देश की जनता के लिए काफी परेशानी भरे हो सकते हैं, जिसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।

Sri Lanka|Sri Lanka Situation|Ranil Wickremesinghe
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे (Photo Credit- AP)

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में अब सिर्फ एक दिन का ही पेट्रोल बचा है। देश की जनता को वर्तमान हालातों के बारे में आगाह करते हुए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों को 15 घंटे के पावर कट का भी सामना करना पड़ सकता है।

श्रीलंका में हालात अभी इतने खराब हैं कि लोगों को 5-6 घंटे लाइनों में लगने के बाद भी पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। विक्रमसिंघे ने कहा कि भारत की तरफ से अगर पेट्रोल और डीजल के 2-2 शिपमेंट मिल जाएंगे तो लोगों को कुछ राहत मिलेगी। इस बीच देश 14 आवश्यक दवाओं की कमी का भी सामना कर रहा है।

उन्होंने आगाह किया कि आने वाले कुछ महीने लोगों के लिए काफी परेशानी भरे होंगे, जिसका सामना करने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। विक्रमसिंघे ने कहा कि वे देश की जनता से कुछ नहीं छुपाना चाहते हैं। पीएम ने बताया कि श्रीलंका को इस समय जरूरी सामानों की खरीद के लिए 7 करोड़ 50 लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की जरूरत है।

कोलंबो में ज्यादातर लोग आने-जाने के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के बीच ऑटो रिक्शा को लंबी कतारों में लगने के बावजूद भी ईंधन मिलने की दिक्कत हो रही है। एक ऑटो ड्राइवर मोहम्मद अली ने कहा, “हम पेट्रोल लेने के लिए लगभग छह से सात घंटे लाइन में लगते हैं।” एक अन्य ड्राइवर, मोहम्मद नौशाद ने कहा कि वह एक गैस स्टेशन पर कई घंटों तक लाइन में लगे रहे, लेकिन गैस नहीं मिली। उन्होंने कहा, “हम सुबह 7-8 बजे से लाइन में हैं और यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यहां पर्याप्त ईंधन होगा या नहीं। कब आएगा, कोई नहीं जानता। इंतजार करने का कोई फायदा होगा या नहीं ये भी हम नहीं जानते।”

गौरतलब है कि गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में पिछले दिनों सरकार के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें नौ लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोग जख्मी हुए। इस विरोध प्रदर्शन के चलते महिंदा राजपक्षे को पीएम पद से भी इस्तीफा देना पड़ा।

देश की जनता बड़े पैमाने पर मुद्रास्फीति और दवा, ईंधन एवं अन्य आवश्यक चीजों की कमी की समस्या से जूझ रही है, जिसके विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। भारत की तरफ से एक डीजल शिपमेंट रविवार को यहां पहुंचाया गया, लेकिन इसे अभी तक पूरे देश में वितरित नहीं किया गया है। बिजली मंत्री कंचना विजेसेकेरा ने सोमवार को कहा, “जनता से अनुरोध है कि अगले तीन दिनों में 1,190 ईंधन स्टेशन की डिलीवरी पूरी होने तक कतार में न खड़े हों और न ही टॉप अप करें।”

पढें अंतरराष्ट्रीय (International News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट