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संजीवनी साबित हो रही ‘स्पैजरिक’ चिकित्सा पद्धति, कई देशों में बनाई पहचान, जानें कैसे करती है काम

'स्पैजरिक' ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो कि पौधों के एसेंस पर आधारित है और बीमारियों को जड़ से मिटाने में कारगर साबित हो रही है। इस बारे में स्विस कंपनी हाइडैक के ओनर ने बताया कि भविष्य में इस चिकित्सा पद्धति से कैसे पूरा विश्व लाभान्वित हो सकता है।

spagyricहाइडैक के सीईओ पीटर स्टीजर। फोटो क्रेडिट- heidak वेबसाइट

कोरोना काल में हमें अगर कोई भगवान के रूप में नजर आता था तो वे थे डॉक्टर और नर्स। इस कठिन समय ने लोगों को बता दिया कि दुनिया में ऐसी भी बहुत सारी चिकित्सा पद्धतियां हैं जो असाध्य संक्रमण और बीमारियों को हरा सकती हैं लेकिन कुछ वजहों से अब तक वे बड़े जन-समुदाय तक पहुंच नहीं पाई थीं। इसी तरह एक चिकित्सा पद्धति है ‘स्पैजरिक’। कई देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बारे में हमने स्विट्जरलैंड की स्पैजरिक कंपनी HEIDAK GmbH के सीईओ पीटर स्टीजर से बात की।

पीटर ने बताया कि स्पैजरिक रस-विधा पर आधारित चिकित्सा पद्धति है और पैरासेल्सस ने इसके विकास में अहम भूमिका निभाई। इन दवाइयों को बनाने के लिए पौधों का इस्तेमाल होता है और इसका असर भी शरीर पर सकारात्मक रूप में ही पड़ता है। यानी इसमें साइड इफेक्ट का खतरा नहीं है। इसे बनाने के लिए फरमेंटेशन, डिस्टिलेशन और कैल्सिनेशन की प्रक्रिया का सहारा लेना होता है।

हाइडैक स्पैजरिक दो तरह की पद्धतियों का इस्तेमाल करता है। एक है कार्ल फ्रेडरिक जिंपल और दूसरी कोनार्ड जोहान ग्लूकसेलिग। प्लांट एसेंस का इस्तेमाल शरीर में बैलेंस बनाने के लिए किया जाता है। पीटर ने बताया कि यह कुछ सीमित बीमारियों के लिए ही नहीं बल्कि इसका प्रभाव बहुत वृहद् है। यह अन्य चिकित्सा पद्धतियों की तुलना में जल्दी असर भी करती है और बीमारी को जड़ से मिटाने का काम करती है। उन्होंने कहा, बहुत सारे लोग इस भ्रम में रहते हैं कि यह होम्योपैथी ही है लेकिन ऐसा नहीं है। स्पैजरिक अपने आप में अलग और विकसित चिकित्सा पद्धति है। हालांकि जल्दी असर के लिए कई होम्योपैथी कंपनियां भी स्पैजरिक की पद्धतियों का इस्तेमाल कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि हाइडैक की दो पद्धतियां होम्योपैथिक फार्माकोपिया के तहत अधिकृत हैं। जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड में इसे रिकग्नाइज किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अल्टरनेटिव सिस्टम के सामने हाई क्वालिटी की स्टडी की समस्याएं हैं। और यह समस्या होम्योपैथी के साथ भी है। उन्होंने कहा कि सपैजरिक तेजी से बढ़ता हुआ और लोगों के लिए उपयोगी चिकित्सा पद्धति है और स्विट्जरलैंड में लगभग सभी मेडिकल स्टोर पर इसकी दवाइयां उपलब्ध रहती हैं। स्विट्जरलैंड, जर्मनी और ऑस्ट्रिया में इसकी पॉपुलरिटी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई की जल्द ही दूसरे देशों में भी इसे प्रसिद्धि मिलेगी जिससे कि कम लागत में लोगों को अच्छा इलाज किया जा सकेगा।

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