उत्तर कोरिया ने दागी एक और बैलिस्टिक मिसाइल - Jansatta
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उत्तर कोरिया ने दागी एक और बैलिस्टिक मिसाइल

उत्तर कोरिया की ओर से छह जनवरी को किए गए चौथे परमाणु परीक्षण के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ गया है।

Author सिओल | April 1, 2016 12:23 PM
संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए मौजूदा प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया द्वारा किसी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जाना प्रतिबंधित है। (picture source- file photo)

एक ओर जहां क्षेत्रीय नेता प्योंगयांग के परमाणु हथियार कार्यक्रम के खतरे पर चर्चा करने के लिए वाशिंगटन में एकत्र हुए हैं, वहीं दूसरी ओर दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अपने पूर्वी तट के पास से संभवत: एक और बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। यह उत्तर कोरिया की ओर से सिलसिलेवार ढंग से दागी गई मिसाइलों में से सबसे हालिया मिसाइल है। उत्तर कोरिया की ओर से छह जनवरी को किए गए चौथे परमाणु परीक्षण के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ गया है।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर पूर्वी शहर सोंडोक से दागी गई। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि मिसाइल के लक्षित बिंदु और पथ की पुष्टि तत्काल नहीं की जा सकी। यह प्रक्षेपण ऐसे समय पर किया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में वाशिंगटन में दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन चल रहा है। इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति और चीन, दक्षिण कोरिया एवं जापान के नेताओं के बीच की बातचीत का प्रमुख बिंदु उत्तर कोरिया ही है।

गुरुवार को ओबामा ने उत्तर कोरिया के हालिया परमाणु परीक्षण और फिर लंबी दूरी के रॉकेट प्रक्षेपण के बाद उस पर लगाए गए ‘‘संयुक्त राष्ट्र के कड़े सुरक्षा उपायों को सतर्कता के साथ लागू करने’’ की जरूरत की बात कही थी। प्योंगयांग की सरकारी मीडिया ने इस सम्मेलन को ‘‘परमाणु हथियारों तक उत्तर कोरिया की वैध पहुंच’’ में दोष ढूंढ़ने का एक ‘‘बेतुका’’ प्रयास करार दिया।

संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए मौजूदा प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया द्वारा किसी बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया जाना प्रतिबंधित है। पिछले माह उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी की दो मिसाइलें दागी थीं। इन प्रक्षेपणों से जापान जैसे पड़ोसी देशों पर मंडराने वाले खतरे के कारण इन्हें कहीं अधिक बड़े उकसावे के तौर पर देखा गया था।

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