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साउथ चाइना सी में घुसा अमेरिकी जंगी बेड़ा तो भड़का चीन, कहा- तुंरत सुधार लो गलती वर्ना…

17 जनवरी को अमेरिकी नौसेना का यूएसएस हॉपर जहाज चीन के ह्वांगयान द्वीप के पास घुस गया था। चीनी नौसेना ने इसकी जानकारी मिलते ही अपने ह्वांगशान नामक रक्षा जहाज से अमेरिकी जंगी बेड़े की पहचान की थी।

चीन ने दावा किया है कि दक्षिणी चीन सागर में अमेरिकी जंगी बेड़े घुसने से उसकी संप्रभुता और आंतरिक शांति को ठेस पहुंचा है। (फोटोः एपी)

साउथ चाइना सी में अमेरिकी जंगी बेड़ा घुसने पर ‘ड्रैगन’ शनिवार को भड़क उठा। चीन ने इस बाबत कहा, “अमेरिका की इस घुसपैठ से हमारी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा है। हम इसके लिए जरूरी कदम उठाएंगे। हमने अमेरिका को इस बाबत चेतावनी दी कि वह अपनी इस गलती को सुधार ले और इस तरह के घुसपैठ को बंद करे, ताकि चीन-अमेरिका के संबंधों, क्षेत्रीय शांति और स्थितरता को नुकसान न पहुंचे।” आपको बता दें कि बुधवार (17 जनवरी) को अमेरिकी नौसेना का यूएसएस हॉपर जहाज चीन के ह्वांगयान द्वीप के पास घुस गया था। चीनी नौसेना ने इसकी जानकारी मिलते ही अपने ह्वांगशान नामक रक्षा जहाज से अमेरिकी जंगी बेड़े की पहचान की थी और उसे पीछे हटने पर मजबूर किया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कैंग ने इस बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। उन्होंने कहा, “हमने अमेरिका को इस घुसपैठ के मामले में चेतावनी दे दी है, ताकि वह अपनी गलती को तुरंत सुधार लें। अमेरिका को इसके साथ इन घुसपैठों को भी रोकना होगा, जिससे दोनों देशों के बीच के संबंध, हमारे देश की आंतरिक शांति और स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।”

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शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार कैंग ने आगे बताया, “चीन की नौसेना ने अमेरिका के जंगी बेड़े को दूर भगाने के लिए अपने कुछ जहाज भेजे थे।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि अमेरिका की ओर किए गए इस तरह के घुसपैठ ने अंतराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी प्रोटोकॉल तोड़े हैं।

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चीनी निर्विवाद रूप से ह्वांगयान द्वीप और उसके आसपास के समुद्री इलाके पर अपना दावा करता है। वहीं, फिलिपींस और ताइवान भी बीते सालों से इस इलाके को अपना बताते आए हैं। चीन के प्रवक्ता ने इस बारे में आगे कहा, “अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार हम साउथ चाइना सी में नौचालन की आजादी का सम्मान और उसकी सुरक्षा करते हैं, लेकिन अगर कोई देश चीन की संप्रुभता या सुरक्षा को इस आधार पर ठेस पहुंचाने की कोशिश करेगा तो यह ठीक नहीं होगा। हम उसका सख्त तरीके से विरोध करेंगे।”

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