son of a northern California city police chief charged in beating 71 year old sikh man - अमेरिका: पुलिस प्रमुख के बेटे ने की थी सिख बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई, मां-बाप ने ही पकड़वाया - Jansatta
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अमेरिका: पुलिस प्रमुख के बेटे ने की थी सिख बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई, मां-बाप ने ही पकड़वाया

पुलिस प्रमुख ने बताया कि कैसे उनका बेटा रास्ते से भटक गया। उन्होंने लिखा, 'कुछ सालों पहले मेरा बेटा रास्ते से भटकने लगा, वह उस वक्त नाबालिग था। वह भाग जाता था और गलत लोगों के साथ रहता था। वह अपने परिवार और दोस्तों से करीब-करीब कट सा गया था।'

पुलिस प्रमिख का बेटा टाइरॉन मैकएलिस्टर (फोटो सोर्स- एपी/वीडियो स्क्रीनशॉट)

उत्तरी कैलिफोर्निया शहर पुलिस प्रमुख के 18 वर्षीय बेटे को 71 वर्षीय सिख बुजुर्ग को पीटने के मामले में आरोपी बनाया गया है। 18 वर्षीय टाइरॉन मैकएलिस्टर पर आरोप लगा है कि उसने सोमवार यानी 6 अगस्त को कैलिफोर्निया के मंटेका में सुबह-सुबह टहलने निकले 71 वर्षीय साहिब सिंह नट को पीटा था और गाली भी दी थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दो अज्ञात व्यक्ति बुजुर्ग सिख को पीटते नजर आ रहे थे।

सबसे आश्चर्य की बात यह है कि टाइरॉन पुलिस प्रमुख का बेटा है और उसके पिता डैरिल मैकएलिस्टर ने ही अपने बेटे को पकड़ने में पुलिस की मदद की। सैन जोआक्विन काउंटी सुपीरियर कोर्ट ने टाइरॉन को बुजुर्ग को पीटने के आरोप में दोषी ठहराते हुए 300,000 डॉलर का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया। इस मामले में पुलिस ने 16 वर्षीय एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है। टाइरॉन को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था।

बुधवार को ही यूनियन सिटी पुलिस डिपार्टमेंट ने उत्तरी कैलिफोर्निया शहर पुलिस प्रमुख और आरोपी टाइरॉन के पिता डैरिल मैकएलिस्टर का ओपन लेटर भी फेसबुक पर पोस्ट किया, जिसमें डैरिल ने अपने बेटे के जुर्म को लेकर दुख जाहिर किया था। डैरिल ने लिखा, ‘मेरी पत्नी, मेरी बेटियां और मैं इस वक्त कितने शर्मिंदा हैं, इसे हम शब्दों में बयां नहीं कर सकते। हमने हमारे बच्चों को कभी भी हिंसा और नफरत करना नहीं सिखाया था। हमारी डिक्शनरी में दूसरों के साथ गलत करने जैसे शब्द ही नहीं थे। मेरे पेट में उस वक्त से ही एंठन होने लगी थी, जब मैंने इस खबर के बारे में सुना था।’

पुलिस प्रमुख ने बताया कि कैसे उनका बेटा रास्ते से भटक गया। उन्होंने लिखा, ‘कुछ सालों पहले मेरा बेटा रास्ते से भटकने लगा, वह उस वक्त नाबालिग था। वह भाग जाता था और गलत लोगों के साथ रहता था। वह अपने परिवार और दोस्तों से करीब-करीब कट सा गया था। ऐसे लोगों के साथ रहता था, जिन्हें हम नहीं जानते थे। उसने कई बार चोरियां की और जुवेनाइल हॉल में उसे रहना पड़ा। वयस्क होने के बाद उसे चोरियों जैसे अपराधों में गिरफ्तार किया जाने लगा और फिर उसे जेल की सजा भी हुई। जब वह जेल से बाहर आया तब वह सीधे घर नहीं आया, वह कई महीनों तक घर नहीं आया। उस दिन सुबह करीब 10 बजे मंटेका पुलिस ने मेरे बेटे को खोजा और उसे पकड़ा। मैंने और मेरी पत्नी ने पुलिस के साथ काम किया, ताकि उसे पकड़ा जा सके।’

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