सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना सैलरी 15 अक्टूबर से 64 फीसदी बढ़ जाएगी। सैलरी के नए नियमों के तहत यह 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर (लगभग 26.9 करोड़ रुपये) हो जाएगी।

यह बढ़ोतरी दिसंबर 2025 में बनाई गई एक स्वतंत्र समिति की समीक्षा के बाद की गई है। इसे लेकर सिंगापुर की सरकार का कहना है कि नेताओं की सैलरी इतनी आकर्षक होनी चाहिए कि काबिल लोग राजनीति में आने से पीछे न हटें।

इस बढ़ोतरी के साथ ही लॉरेंस वोंग दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों की सैलरी रैंकिंग में सबसे ऊपर आ गए हैं। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर के प्रधानमंत्री दुनिया में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले प्रधानमंत्री हैं।

सिंगापुर नेताओं की सैलरी में बदलाव क्यों कर रहा है?

3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर सालाना के हिसाब से सिंगापुर के प्रधानमंत्री की सैलरी करीब 300,000 सिंगापुर डॉलर (भारतीय मुद्रा में 2,23,77,873 रुपये) प्रति माह हो गई है।

सिंगापुर लंबे समय से राजनेताओं की अधिक सैलरी का बचाव करता रहा है। इसके पीछ तर्क दिया जाता है कि इससे अच्छे काबिल लोग जनसेवा के लिए राजनीति में आते हैं और इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होती है।

पीएम अपनी सैलरी करेंगे अगले पांच साल तक दान

लॉरेंस वोंग ने माना कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है और कहा कि राजनेताओं की सैलरी एक “मुश्किल और जज़्बाती विषय” है। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें मिलने वाली रकम अधिकतर सिंगापुरवासियों की कमाई से कहीं अधिक है। यह अंतर इसलिए भी अहम है क्योंकि 2025 में सिंगापुर में औसत मासिक वेतन 5,775 सिंगापुर डॉलर (लगभग 4.31 लाख रुपये प्रतिमाह महीना) था।

सिंगापुर के पीएम ने कहा कि वह समझते हैं कि सिंगापुर के लोग नेताओं की सैलरी पर इतनी बारीकी से नजर क्यों रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी सैलरी में हुई बढ़ोतरी को अगले पांच साल तक चैरिटी में दान कर देंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह बहस सिर्फ सैलरी या पैसे के बारे में नहीं है।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, लॉरेंस वोंग ने कहा, “आखिरकार, यह इस बारे में है कि क्या सिंगापुर में ऐसी क्वालिटी वाली पॉलिटिकल लीडरशिप बनी रहेगी, जिसकी हमें देश को आगे ले जाने और आने वाले सालों में सिंगापुर के लोगों की बेहतर सेवा करने के लिए जरूरत है।”

दुनिया के दूसरे नेताओं कितनी है सैलरी?

सिंगापुर के प्रधानमंत्री की सैलरी और दूसरे कई बड़े नेताओं की सैलरी में काफी अंतर है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव को सालाना करीब 7,19,000 अमेरिकी डॉलर (6,79,38,669 रुपये) मिलते हैं, जबकि स्विस राष्ट्रपति को सालाना करीब 6,06,000 अमेरिकी डॉलर (5,72,61,243 रुपये) मिलते हैं; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैलरी सालाना 4,00,000 अमेरिकी डॉलर (3,77,96,200 रुपये) बताई जाती है, जबकि यूके के प्रधानमंत्री को सालाना करीब 2,30,000 अमेरिकी डॉलर (2,17,32,815 रुपये) मिलते हैं।

सिंगापुर के मंत्रियों को भी फायदा

सैलरी में बदलाव का असर सिंगापुर के मंत्रियों पर भी दिखेगा, हालांकि उन्हें तुरंत नई बेंचमार्क सैलरी नहीं मिलेगी। जूनियर मंत्री के लिए रेफरेंस सैलरी, जो अभी 1.1 मिलियन सिंगापुर डॉलर है, उसे बढ़ाकर 1.8 मिलियन सिंगापुर डॉलर (करीब ₹13.4 करोड़) किया जा रहा है। हालांकि, सरकार शुरू में परफॉर्मेंस और व्यक्तिगत हालात जैसे कारकों के आधार पर 9 प्रतिशत तक की एकमुश्त बढ़ोतरी लागू करेगी यानी जो मंत्री अभी 1.1 मिलियन सिंगापुर डॉलर (करीब ₹8.2 करोड़) की रेफरेंस सैलरी पा रहे हैं, उन्हें शुरू में करीब 1.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर (करीब ₹9 करोड़) मिल सकते हैं।

हालांकि सरकार का यह इरादा नहीं है कि हर मंत्री की सैलरी अपने आप 1.8 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाए। इसके बजाय, बाद में होने वाले बदलाव हर मंत्री के काम और जिम्मेदारियों पर निर्भर करेंगे।

मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक, लॉरेंस वोंग को उम्मीद है कि अधिकतर मंत्रियों की कमाई लगभग 1.35 मिलियन सिंगापुर डॉलर (करीब ₹10.1 करोड़) होगी। जो मंत्री बहुत अच्छा काम करेंगे या अधिक जिम्मेदारियाँ संभालेंगे, उनकी सैलरी इससे अधिक हो सकती है।

मंत्रियों की सैलरी पर दोबारा विचार क्यों?

सिंगापुर ने आखिरी बार 2012 में मंत्रियों की सैलरी में बड़ा बदलाव किया था, जब नेताओं की सैलरी को लेकर जनता की नाराजगी के बाद मंत्रियों की सैलरी में 36 फीसदी की कटौती की गई थी।

2017 में हुई एक समीक्षा में सैलरी बढ़ाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने इसे लागू न करने का फैसला किया। आर्थिक अनिश्चितता के कारण 2023 में होने वाली एक और समीक्षा को टाल दिया गया था।

यह ताजा समीक्षा तब हुई है जब सिंगापुर की अर्थव्यवस्था के दूसरे हिस्सों, जैसे प्राइवेट सेक्टर और पब्लिक सर्विस में सैलरी बढ़ गई है।

कैसे तय होती है सिंगापुर के नेताओं की सैलरी?

सिंगापुर नेताओं की सैलरी तय करते समय अपने देश के टॉप 1,000 नागरिकों की कमाई को बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल करता है। इसके पीछे सोच यह है कि देश के सबसे अधिक कमाने वाले लोगों की आय उस काबिलियत को दिखाती है, जिस तरह के लोगों को सरकार राजनीतिक नेतृत्व के लिए आकर्षित करना चाहती है।

इस तरीके की आलोचना भी हुई है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के पॉलिटिकल साइंटिस्ट चोंग जा इयान ने कहा कि बढ़ती आय असमानता का मतलब यह हो सकता है कि मंत्री आम नागरिकों के बजाय अमीर सिंगापुरवासियों के अनुभवों से अधिक जुड़ जाएं।

हालांकि अधिक सैलरी का मकसद बेहतरीन टैलेंट को आकर्षित करना और भ्रष्टाचार रोकना है, फिर भी पूर्व ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर एस. ईश्वरन को 2024 में न्याय में बाधा डालने और 300,000 डॉलर (करीब ₹2.24 करोड़/महीना) से अधिक कीमत के तोहफे लेने के आरोप में जेल भेजा गया था। हालांकि, सिंगापुर में भ्रष्टाचार के मामले बहुत कम होते हैं।

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