Global Religious Diversity Ranking: हाल ही वॉशिंगटन स्थित प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी एक व्यापक वैश्विक रिसर्च की रिपोर्ट आई है, जिसमें बताया गया कि सिंगापुर दुनिया का सबसे अधिक धार्मिक विविधता वाला देश है। वहीं अगर केवल दुनिया के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों की बात की जाए, तो अमेरिका धार्मिक रूप से सबसे विविध राष्ट्र बनकर उभरा है।

कोई भी धर्म बहुसंख्यक नहीं

प्यू रिसर्च की रिपोर्ट में बताया गया है कि सिंगापुर धार्मिक मेलजोल का एक अनूठा उदाहरण है। यहाँ की आबादी का वितरण सात प्रमुख समूहों में काफी संतुलित है, लेकिन किसी भी एक धर्म के लोगों के अधिकता नहीं है।

कैसे बना सबसे अधिक धार्मिक विविधता वाला देश?

रिसर्च के मुताबिक, सिंगापुर में यहां किसी भी एक धर्म का पूर्ण बहुमत (50% से अधिक) नहीं है, जो इसे दुनिया का सबसे विविध देश बनाता है।

बौद्ध: 31% (सबसे बड़ा समूह)
धार्मिक रूप से असंबद्ध (Nones): 20%
ईसाई: 19%
मुस्लिम: 16%
हिंदू: 5%
अन्य धर्म: 9%

बड़ी आबादी वाले देशों की क्या है स्थिति?

दुनिया की 10 सबसे बड़ी आबादी वाले देशों यानी भारत, चीन, अमेरिका, नाइजीरिया आदि के विश्लेषण में यह बताया गया है कि धार्मिक विविधता के लिहाज से पहले नंबर पर अमेरिका है। अमेरिका में लगभग 64% ईसाई हैं और 30% लोग किसी धर्म से नहीं जुड़े हैं। शेष 6% में मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध और यहूदी शामिल हैं। अमेरिका के बाद नाइजीरिया, रूस और भारत का नंबर आता है।

क्या है भारत की स्थिति?

धार्मिक विविधता के मामले में भारत की बात करें तो भारत इस सूचकांक मध्यम स्तर पर आता है। बड़ी आबादी वाले देशों में यह चौथे स्थान पर है, लेकिन वैश्विक स्तर पर 201 देशों की सूची में यह 78वें स्थान पर है।

क्या है पाकिस्तान और बांग्लादेश की स्थिति?

पाकिस्तान और बांग्लादेश की बात करें तो धार्मिक विविधता को लेकर पाकिस्तान की स्थान 165वां है, और बांग्लादेश 133वें नंबर है। इन दोनों को ही दुनिया के सबसे कम धार्मिक विविधता वाले देशों की श्रेणी में रखा गया है, खास बात यह है कि दोनों देशों में एक ही धर्म यानी इस्लाम का पूर्ण बहुमत है।

दुनिया के सबसे कम विविध देश

अध्ययन के अनुसार, यमन, अफगानिस्तान और सोमालिया दुनिया के सबसे कम धार्मिक विविधता वाले देश हैं। इन देशों की 99% से अधिक आबादी मुस्लिम है। इसी तरह, तिमोर-लेस्ते और मोल्दोवा में ईसाई धर्म की भारी बहुलता के कारण यहाँ विविधता का स्तर काफी कम है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदु

क्षेत्रीय स्तर पर विविधता: एशिया-प्रशांत क्षेत्र को दुनिया का सबसे विविध क्षेत्र माना गया है। इसके विपरीत, मध्य पूर्व-उत्तरी अफ्रीका (MENA) क्षेत्र सबसे कम विविध है, जहाँ 94% आबादी मुस्लिम है।

ईसाई धर्म का विस्तार: रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के सबसे विविध स्थानों में से कई में ईसाई धर्म सबसे बड़े समूह के रूप में मौजूद है।

बढ़ती धर्मनिरपेक्षता: अमेरिका और यूरोप जैसे क्षेत्रों में “धार्मिक रूप से असंबद्ध” (Unaffiliated) लोगों की संख्या में वृद्धि ने उन देशों की विविधता स्कोर को बेहतर किया है। गाजा को 5 अरब डॉलर की मदद देगा डोनाल्ड ट्रंप का पीस बोर्ड, पहली बैठक में नेतन्याहू के पहुंचने पर सस्पेंस