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सिंगापुर में भारतीय मंदिर पुरस्कृत

गुरुवार को आयोजित पुरस्कार समारोह में ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले अश्विन मुथैया ने बताया कि आभूषण 10 साल के लिए कर्ज के तौर पर दिया गया है।

Author सिंगापुर | April 23, 2016 12:24 AM
सिंगापुर का राष्ट्रीय ध्वज (विकीपीडिया फोटो)

सिंगापुर में भारतीय विरासत केंद्र को 10 साल के लिए बतौर कर्ज देवता के सदियों पुराने आभूषण देने और भारतीय संस्कृति के संदर्भ में गहन जानकारी में मदद पहुंचाने के लिए एक भारतीय मंदिर ट्रस्ट सहित नौ संरक्षकों को पुरस्कृत किया गया है।सैगॉन (हो ची मिन्ह सिटी, वियतनाम) में करीब 200 साल पहले स्थापित तेंडायुतापानी मंदिर की ओर से सैगॉन चेट्टियर्स मंदिर ट्रस्ट की ओर से बतौर कर्ज दिए गए आभूषण में हीरा जड़ित एक गले का हार और कीमती रत्नों से सजा मुकुट शामिल है। सिंगापुर की संस्कृति, समुदाय और युवा मामलों की मंत्री ग्रेस फू ने बताया कि सैगॉन चेट्टियर्स मंदिर ट्रस्ट ने अपने देवता के सुंदर आभूषण कर्ज स्वरूप देकर भारतीय विरासत केंद्र (आइएचसी) को उपकृत किया है। इससे हमें भारतीय संस्कृति की कई पहलुओं को गहराई से जानने का मौका मिला।

गुरुवार को आयोजित पुरस्कार समारोह में ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले अश्विन मुथैया ने बताया कि आभूषण 10 साल के लिए कर्ज के तौर पर दिया गया है। आइएचसी को भारतीय नेताओं की कांस्य की बनी आवक्ष प्रतिमा दान स्वरूप देने के लिए सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग को ‘सपोर्टर’ पुरस्कार दिया गया।

पारसी अनुष्ठान में काम आने वाले चांदी की वस्तुएं देने के लिए शिरीन और रूस्तम घडियाल व सिंगापुर और मलाया में सिख पुलिस और सशस्त्र बलों से संबंधित वस्तुओं का संग्रह प्रदान करने के लिए सरजित सिंह को सम्मानित किया गया।

सिंगापुर के पूर्व राष्ट्रपति एसआर नाथन को भी ‘इंडियन नेशनल आर्मी के समूह से संबंधी तस्वीरें और प्रकाशन सामग्री’ में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। आइएचसी में अपने योगदान के लिए पुरस्कृत अन्य हस्तियों में आर गंगातरन देवार, एल तांबिया और गायत्री रॉय का नाम शामिल है। पिछले साल सात मई को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीएन लूंग ने लिट्ल इंडिया में आइएचसी की शुरुआत की थी।

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