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सिक्किम विवाद पर अब बोला चीन – ‘गुप्त मकसद’ के लिए भारत कर रहा सबकुछ

सिक्किम विवाद: चीन ने कहा कि 1890 में ग्रेट ब्रिटेन और चीन के बीच सिक्किम को लेकर हुए समझौते में कहा गया था कि सीमा का सिक्किम वाला क्षेत्र माउंट गिपमोची के पूर्व से शुरू होता है।
Author July 7, 2017 20:56 pm
सिक्किम स्थित चीन सीमा

चीन ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने ‘गुप्त मकसद’ से भूटान से लगे ट्राई-जंक्शन को सिक्किम गतिरोध से जोड़ दिया है। चीन ने यह भी कहा कि क्षेत्र की सीमाओं पर 1890 की चीन-ब्रिटिश संधि को लेकर नयी दिल्ली की स्वीकार्यता गुजरते समय के साथ नहीं बदलनी चाहिए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने यहां मीडिया से कहा, ‘‘तथाकथित ट्राई-जंक्शन बिंदु, जैसा कि नाम है, उससे लगता है कि यह एक रेखा या एक क्षेत्र के बजाय एक बिंदु है।’’ गेंग से जब पूछा गया कि भारत के दावे के अनुसार ट्राई-जंक्शन को लेकर 2012 में सीमा पर विशेष प्रतिनिधियों द्वारा किये गये समझौते का चीन उल्लंघन कर रहा है तो, उन्होंने कहा कि चीन द्वारा बनाई जा रही सड़क का इससे कोई लेनादेना नहीं है।

उन्होंने कहा कि 1890 में ग्रेट ब्रिटेन और चीन के बीच सिक्किम को लेकर हुए समझौते में कहा गया था कि सीमा का सिक्किम वाला क्षेत्र माउंट गिपमोची के पूर्व से शुरू होता है। गेंग ने कहा, ‘‘माउंट गिपमोची से 2000 मीटर दूर भारत-चीन सीमा के सिक्किम हिस्से पर भारतीय सैनिकों ने अवैध अतिक्रमण किया।’’ चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मुद्दे का ‘ट्राई-जंक्शन बिंदु से कोई लेनादेना नहीं रहा है’ और चीन ने 2012 के समझौते का उल्लंघन नहीं किया था। ट्राई-जंक्शन के सही-सही निर्देशांक पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

गेंग ने चीन के सड़क निर्माण को भी जायज ठहराते हुए कहा कि यह डोकलाम क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। गेंग ने भारत के इस रुख पर सवाल खड़ा किया कि डोकलाम रणनीतिक ट्राई-जंक्शन का हिस्सा है जिसे चिकन्स नेक नाम से भी जाना जाता है। गेंग ने कहा, ‘‘भारतीय पक्ष सीमा समझौते की उपेक्षा करते हुए पूरे डोकलाम इलाके को ट्राई-जंक्शन का हिस्सा बताता है। यह गुप्त उद्देश्यों की वजह से है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय पक्ष ने घटनाक्रम में ट्राई-जंक्शन बिंदु के विचार को जोड़ा जिसका मकसद है बिंदु को बढ़ाकर एक क्षेत्र दिखाना है। जो बेतुका और गुप्त मकसद वाला है।’’ उन्होंने इस धारणा को भी खारिज करने का प्रयास किया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध ने सीमा के पूर्व निर्धारण को बदल दिया था जब चीन ने अकसाई चिन जैसे इलाकों पर कब्जा कर लिया था जो अब भी उसके कब्जे में हैं।

गेंग ने कहा, ‘‘चीन के शिजांग :चीन के लिहाज से तिब्बत का नाम: और सिक्किम के बीच सीमा का निर्धारण इस समझौते से हुआ था। समझौते पर दस्तखत होने के बाद सरकार बदलने से समझौते का प्रभाव नहीं बदला। इसलिए इसका समय बदलने के साथ कोई लेनादेना नहीं है।’’ गेंग ने कहा कि संधि का 1962 के युद्ध से कोई लेनादेना नहीं है। भारतीय सैनिकों ने 16 जून को भूटान की ओर से चीन द्वारा सड़क निर्माण को रोका था। चीन और भारत के बीच पिछले तीन हफ्ते से भूटान ट्राई-जंक्शन के पास डोकलाम इलाके में गतिरोध बना हुआ है।

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