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शॉपिंग स्टोर में लूटपाट में सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

अमेरिका में एक शॉपिंग स्टोर में सशस्त्र लूटपाट के दौरान नकाबपोश बंदूकधारी ने 36 वर्षीय एक सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।

Author न्यूयॉर्क | August 13, 2016 12:10 AM

अमेरिका में एक शॉपिंग स्टोर में सशस्त्र लूटपाट के दौरान नकाबपोश बंदूकधारी ने 36 वर्षीय एक सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह अरीजोना स्थित स्टोर में लूटपाट के दौरान अमनजीत सिंह तूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अमनजीत इसी स्टोर में काम करते थे। पुलिस ने कहा कि अमनजीत को गोली मारने के बाद हमलावरों ने स्टोर से बाहर निकल गए कर्मचारियों का पीछा किया। इसके बाद वे बैग को उठाने के लिए वापस स्टोर में आए।

पुलिस और तूर का परिवार हमलावर का पता लगाने के लिए जनता से मदद मांग रहा है। ऐसा बताया गया है कि गोली मारने वाले ने टोपी वाली गहरे रंग की स्वेटशर्ट पहनी थी। उसने चेहरे पर नकाब और हाथों में लाल दस्ताने पहने थे। अरीजोना की खबरिया साइट ए जेड सेंट्रल की खबर में कहा गया कि तूर छह साल पहले भारत से आए थे। उनकी पत्नी कमलदीप कौर हाल ही में भारत से फीनिक्स आई थी।

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तूर के चचेरे भाई मिक्की गिल ने कल फीनिक्स पुलिस मुख्यालय में कहा, ‘‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है। वह हममें से अधिकतर लोगों के लिए एक आदर्श था।’’
फीनिक्स मेट्रो इलाके में लगभग 2500-3000 सिख परिवार रहते हैं।
इस घटना के बाद सिख-अमेरिकियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं एकबार फिर बढ़ गई हैं। 9:11 के हमलों के बाद से सिख-अमेरिकियों को निशाना बनाकर अक्सर हमले होते रहे हैं। उनके धर्म से जुड़ी चीजों- दाढ़ी और पगड़ी के कारण उन्हें घृणा अपराधों का शिकार भी होना पड़ा है।
सिख समुदाय के कार्यकर्ता राणा सिंह सोढ़ी ने तूर परिवार की ओर से पूरे समुदाय को हमलावर का पता लगाने के लिए एकसाथ आने को कहा। सोढ़ी ने कहा, ‘‘उसने धन दे दिया था लेकिन तब भी उसे गोली मारी गई। यहां :नस्लवाद का: सवाल खड़ा होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस इलाके में नए प्रवासी हैं लेकिन हम समुदाय से अनुरोध करते हैं कि वह इस व्यक्ति :हमलावर: को जेल पहुंचाने के लिए सामने आएं और मदद करें।

सोढ़ी के भाई की 11 सितंबर 2001 के हमले के महज चार दिन बार घृणा अपराध के तहत हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘15 साल बीत गए और हमारे साथ अब तक सही बर्ताव नहीं किया जाता। सोढ़ी ने कहा, ‘‘वे हमारे स्टोर में आते हैं, हमें अभद्र इशारे करते हैं और चिल्लाते हुए कहते हैं- ‘अपने देश वापस जाओ।’ यह हमारे लिए आम बात है। कोई भी आतंकी हमला हो, हमपर हर साल असर पड़ता है। 9:11 के बाद से हमारा जीवन पहले जैसा नहीं रहा है।’’

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