पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की कोशिशों को असाधारण बताया है। शहबाज शरीफ ने कहा कि ट्रंप ने शनिवार को सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता की जिसमें क्षेत्रीय हालात और शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।

शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान की ओर से इस बातचीत में फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने हिस्सा लिया। उन्होंने पूरी प्रक्रिया के दौरान आसिम मुनीर की अथक कोशिशों की भी सराहना की। अपनी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि बातचीत के दौरान मौजूदा क्षेत्रीय तनाव और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ने के रास्तों पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान आने वाले समय में शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी कर सकता है।

पोस्ट में क्या कहा गया?

अपनी पोस्ट में शहबाज शरीफ ने लिखा, “मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति स्थापित करने के लिए किए जा रहे उनके असाधारण प्रयासों और आज सऊदी अरब, कतर, तुर्किये, मिस्र, यूएई, जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं के साथ हुई बेहद उपयोगी और सकारात्मक टेलीफोन वार्ता के लिए बधाई देता हूं। इस बातचीत में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर ने किया और मैं पूरी प्रक्रिया के दौरान उनके अथक प्रयासों की सराहना करता हूं।”

उन्होंने लिखा, “इन चर्चाओं ने मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विचार साझा करने और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए जारी शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। पाकिस्तान पूरी ईमानदारी के साथ अपने शांति प्रयास जारी रखेगा और हमें उम्मीद है कि वार्ता के अगले दौर की मेजबानी हम बहुत जल्द करेंगे।”

यहां देखें पोस्ट –

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में ड्रोन हमलों, परमाणु ठिकानों के आसपास सुरक्षा चिंताओं और युद्धविराम को लेकर अस्थिर माहौल ने क्षेत्रीय हालात को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में कई देशों द्वारा कूटनीतिक समाधान और मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस मौके पर खुद को एक “शांति मध्यस्थ” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। शहबाज शरीफ के बयान में जिस तरह अमेरिका और पाक सेना प्रमुख, दोनों की भूमिका को प्रमुखता दी गई उससे साफ संकेत मिलता है कि इस्लामाबाद क्षेत्रीय कूटनीति में अपनी सक्रिय भागीदारी दिखाना चाहता है।

बहरहाल, ट्रंप प्रशासन की ओर से फिलहाल इस बातचीत को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पाकिस्तान के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।