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अफगानिस्‍तान में 6 भारतीय इंजीनियर्स का अपहरण, विदेश मंत्रालय अफगान अधिकारियों के संपर्क में

बागलान पुलिस के प्रवक्ता जबीउल्लाह शूजा का कहना है कि सभी इंजीनियर्स सरकार द्वारा संचालित पावर स्टेशन में एक मिनिबस में सफर कर रहे थे, उसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने सभी इंजीनियर्स और अफगान ड्राइवर को अगवा कर लिया।

अफगानिस्तान में भारतीय इंजीनियर्स को अगवा किया गया (फोटो सोर्स- गूगल मैप)

अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में रविवार को आतंकवादियों ने छह भारतीयों सहित सात लोगों को का अपहरण कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि अगवा लोगों को छुड़ाने के लिए वार्ता जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “हम भारतीय नागरिकों के अफगानिस्तान के बगलान प्रांत से अपहरण की घटना से अवगत हैं। हम अफगानिस्तान अधिकारियों के संपर्क में हैं और आगे के विवरणों का पता लगाया जा रहा है।” टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अपहरण की घटना बाग-ए-शामल गांव में हुई। बगलान के गवर्नर अब्दुलहई नेमती ने कहा कि अगवा किए गए लोग भारतीय कंपनी केईसी में काम करते हैं। अगवा किया गया सातवां व्यक्ति अफगानिस्तान का है।

नेमती ने कहा कि तालिबान ने इन लोगों का अपहरण किया है और इन्हें पुल-ए-खुमरी सिटी के डंड-ए-शहाबुद्दीन इलाके में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि तालिबान से संपर्क किया गया है। तालिबान प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें लगा था कि सातों अफगान सरकार के कर्मचारी हैं। नेमती ने कहा कि वे जनजातीय नेताओं की मदद से सातों लोगों को छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब कर्मचारी उस इलाके का दौरा कर रहे थे, जहां कंपनी को एक बिजली का सब स्टेशन स्थापित करने के लिए ठेका मिला है।

रॉयटर्स के मुताबिक यह सभी इंजीनियर्स नॉर्थ अफगानिस्तान के बागलान प्रांत स्थित पावर प्लांट में काम करते थे। बागलान पुलिस के प्रवक्ता जबीउल्लाह शूजा का कहना है कि सभी इंजीनियर्स सरकार द्वारा संचालित पावर स्टेशन में एक मिनिबस में सफर कर रहे थे, उसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने सभी इंजीनियर्स और अफगान ड्राइवर को अगवा कर लिया। ये सभी अज्ञात लोग हथियारों से लैस थे।

वहीं अफगानिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों ने भी भारतीय इंजीनियर्स के अपहरण की खबर की पुष्टि कर दी है। सभी इंजीनियर्स पावर जनरेटर स्टेशन को ऑपरेट करने वाले दा अफगानिस्तान ब्रेश्ना शिरकत (डीएबीएस) के लिए काम करते थे। भारतीय दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अफगानिस्तान में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भारत के करीब 150 इंजीनियर्स और तकनीक के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।

अफगानिस्तान में स्थानीय लोगों का फिरौती के लिए अपहरण आम बात है। ज्यादातर अफगानिस्तानी लोगों का ही अपहरण होता है लेकिन विदेशी कामगार भी निशाना बनते हैं। साल 2016 में भारतीय एड वर्कर जूडिथ डिसूजा का काबुल में अपहरण हुआ था। उन्हें चालीस दिन बाद छोड़ा गया।

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