अमेरिकी संसद से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। ईरान युद्ध के खिलाफ संसद से प्रस्ताव पास हुआ है। प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ संघर्ष से अमेरिकी सैन्य बलों को हटाने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रस्ताव में युद्ध को लेकर ट्रंप की शक्तियों को सीमित करने की भी बात कही गई है। कई रिपब्लिकन सांसदों ने भी प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया, जिससे ट्रंप को झटका लगा।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट सदस्य अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने की शक्ति को सीमित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार हाल के हफ्तों में कुछ रिपब्लिकन सदस्यों के बीच भी ऐसे प्रयासों के लिए समर्थन धीरे-धीरे बढ़ा है।
रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स का दिया साथ
प्रस्ताव 50-48 वोट से पारित हुआ, जिसमें रिपब्लिकन सांसदों रैंड पॉल, सुसान कॉलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की और बिल कैसिडी ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर प्रस्ताव का समर्थन किया। डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेट्टरमैन ने प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान किया।
इस प्रस्ताव में अमेरिकी राष्ट्रपति को ईरान के खिलाफ चल रही दुश्मनी से अमेरिकी सशस्त्र बलों को हटाने का निर्देश दिया गया है। हालांकि व्हाइट हाउस ने कहा कि ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अब ऐसी कोई दुश्मनी नहीं है जिससे अमेरिकी बलों को हटाया जा सके। व्हाइट हाउस के अनुसार 7 अप्रैल को युद्धविराम के साथ ही दुश्मनी समाप्त हो गई थी।
ट्रंप ने विरोधी सांसदों को ‘देशद्रोही’ करार दिया
प्रस्ताव पारित होने के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर सांसदों की आलोचना करते हुए उन्हें दिखावा करने वाले बताया और उनके काम को ‘देशद्रोही’ करार दिया। दोनों सदनों में पारित होने के बावजूद यह प्रस्ताव एक समवर्ती प्रस्ताव है और इसलिए इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं है। साथ ही इसमें कानून की शक्ति भी नहीं है।
संसद में हुए मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस प्रस्ताव के महत्व को नकार दिया। सीएनएन के अनुसार अधिकारी ने कहा, “ऐसे प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास नहीं जाते और उनकी कोई कानूनी ताकत नहीं होती।”
यह भी पढ़ें: ‘अपनी लोकप्रियता पर ध्यान दो’, इटली की पीएम मेलोनी ने फिर डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर किया तीखा पलटवार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच विवाद बढ़ता हुआ दिख रहा है। शनिवार को जब ट्रंप ने फोटो लेने वाले दावे को फिर से दोहराया तो मेलोनी नहीं दोबारा पलटवार किया और कहा कि आपका दोस्त होना बिल्कुल मददगार साबित नहीं हुआ। पढ़िए पूरी खबर…
