US-Iran Talks News: पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है। मंगलवार को न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए ट्रंप ने पुष्टि की की वार्ता की जगह फिर से पाकिस्तान ही रहेगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद का जिक्र करते हुए कहा, “आपको वहीं रहना चाहिए, क्योंकि अगले दो दिनों में कुछ भी हो सकता है और हम वहां जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, “इसकी संभावना ज्यादा है, आप जानते हैं क्यों? क्योंकि फील्ड मार्शल बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।” हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि वार्ता के संभावित दूसरे दौर में अमेरिका का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि वह इसमें भाग नहीं लेंगे।

पीएम मोदी को डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया फोन

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का जायजा लिया। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यह जानकारी दी। गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में जल्द कुछ बड़े सौदों पर साइन करने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि फोन पर हुई लगभग 40 मिनट की बातचीत में ट्रंप ने मोदी को पश्चिम एशिया की स्थिति के बारे में जानकारी दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया था और बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और होर्मुज जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया। मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया था। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।” उन्होंने लिखा, “हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलमार्ग को खुला एवं सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।”

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रही विफल

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में इस्लामाबाद में सीधी बैठक हुई थी। पिछले 47 साल में ये पहला मौका था, जब दोनों देशों के बीच आमने-सामने की बैठक हुई। 21 घंटे तक महामंथन चला। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की। इसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। वहीं ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कमान वहां के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने संभाली। हालांकि, यह बातचीत बिना किसी नतीजे के ही खत्म हो गई।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, “हम पिछले 21 घंटों से बातचीत कर रहे हैं और कई महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई हैं, यह अच्छी खबर है। बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था, लेकिन ईरान ने हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया।

वेंस ने कहा कि वार्ता के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ नियमित संपर्क में रहा। उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति से लगातार बात कर रहे थे। मुझे नहीं पता कि हमने उनसे कितनी बार बात की, पिछले 21 घंटों में लगभग आधा दर्जन बार, एक दर्जन बार।”

इस्लामाबाद वार्ता क्यों हुई विफल?

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों को न मानने का फैसला किया है, जिसमें न्यूक्लियर हथियार न बनाना भी शामिल है। उन्होंने कहा, “हमें यह पक्का वादा देखने की ज़रूरत है कि वे (ईरान) न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएंगे। साथ ही वे ऐसे तरीके नहीं अपनाएंगे जिनसे वे जल्दी न्यूक्लियर हथियार बना सकें। यही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य लक्ष्य है और यही हमने इन बातचीत के ज़रिए हासिल करने की कोशिश की है।” पढ़ें पूरी खबर…