ताज़ा खबर
 

स्‍कॉर्पियन सबमरीन्स का डेटा लीक नहीं, चोरी हुआ है: फ्रेंच सोर्स

फ्रेंच सरकार के सूत्रों के मुताबिक इंडियन सबमरीन से जुड़ी जानकारियां लीक नहीं हुई बल्कि फ्रेंच नेवल कॉन्ट्रैक्टर DCNS से चोरी हुई हैं।

भारतीय स्कोर्पियन सबमरीन

स्‍कॉर्पियन पनडुब्बियों से जुड़े प्रोजेक्‍ट का क्लासीफाइड डेटा लीक होने की रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को नया खुलासा हुआ। फ्रेंच सरकार के सूत्रों के मुताबिक इंडियन सबमरीन से जुड़ी जानकारियां लीक नहीं हुई बल्कि फ्रेंच नेवल कॉन्ट्रैक्टर DCNS से चोरी हुई हैं। द ऑस्‍ट्रेलियन अखबार में बुधवार को सबमरीन से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद भारत और फ्रांस ने जांच के आदेश दिए थे।

सूत्रों के मुताबिक यह लीक नहीं बल्कि चोरी का मामला है। हमें DCNS की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं मिली है लेकिन हमने एक व्यक्ति द्वारा कुछ बेईमानी की पहचान की है। सूत्रों के मुताबिक संभवता दस्तावेजों को 2011 में फ्रेंच कर्मचारी द्वारा चोरी किया गया था। इस कर्मचारी को भारत में ट्रेनिंग कार्यक्रम के दौरान हटा दिया गया था। सूत्रों ने यह भी बताया कि यह दस्तावेज गोपनीय नहीं थे। अभी तक जो डेटा प्रकाशित किए गए हैं, वह सिर्फ सबमरीन्स की ऑपरेशनल जानकारियों के बारे में है।

भारत ने दस्तावेज लीक होने का मुद्दा फ्रांसीसी आयुध महानिदेशालय के समक्ष उठाया
भारतीय नौसेना ने गुरुवार (25 अगस्त) को कहा कि उसने फ्रांसीसी आयुध महानिदेशालय के समक्ष स्कॉर्पियन दस्तावेज लीक होने का मुद्दा उठाया है। नौसेना ने फ्रेंच सरकार से इस घटना की अविलंब जांच कराने और अपने तथ्यों को भारतीय पक्ष के साथ साझा करने का अनुरोध भी किया है। नौसेना ने एक वक्तव्य में कहा है कि इस बात का पता लगाने के लिए कि कहीं सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता तो नहीं किया गया है, एक आंतरिक ऑडिट की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके एक दिन पहले ही नौसेना ने जोर देकर कहा था कि ‘ऐसा लगता है कि लीक भारत से नहीं विदेश से हुआ है।’ नौसेना ने कहा है, ‘पूरी एहतियात बरतते हुए भारत सरकार यह भी पता लगा रही है कि अगर दस्तावेज ,जो दावा किया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलियाई सूत्रों के पास मौजूद हैं और अगर उनके साथ किसी भी तरह का समझौता हुआ है तो इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।’

टॉप सीक्रेट डाटा के 22,000 से भी ज्‍यादा पन्‍ने लीक
भारतीय नौसेना फ्रेंच कंपनी के साथ मिलकर छह अत्‍याधुनिक पनडुब्बियों का निर्माण मुंबई में कर रही है। इन्‍हीं पनडुब्बियों की क्षमता से जुड़े टॉप सीक्रेट डेटा के 22,000 से भी ज्‍यादा पन्‍ने लीक हो गए हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। मजगांव डॉक पर बन रहीं इन पनडुब्बियों की लड़ाकू क्षमता के बारे में द ऑस्‍ट्रेलियन अखबार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित कर कहा था कि यह डाटा लीक हो गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने नेवी चीफ एडमिरल सुनील लाम्‍बा को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। उन्‍होंने दिल्‍ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ”मुझे लगता है कि यह हैकिंग का मामला है। तो हम इसका पता लगा लेंगे।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App