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सऊदी अरब ने कहा, समय पर ही होगी हजयात्रा, क्रेन हादसे में 107 की मौत

सऊदी अरब प्रशासन मक्का की मस्जिद के स्थल पर निर्माण कार्य में लगे क्रेन के गिरने की जांच में जुट गया है। प्रशासन ने कहा है कि वार्षिक हजयात्रा निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक...

मक्का | September 13, 2015 10:44 AM
हज के लिए शुक्रवार तक करीब आठ लाख लोग पहुंच चुके थे । हज 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। पिछले साल 20 लाख से अधिक लोगों ने हज में हिस्सा लिया था। (फोटो-एपी)

सऊदी अरब प्रशासन मक्का की मस्जिद के स्थल पर निर्माण कार्य में लगे क्रेन के गिरने की जांच में जुट गया है। प्रशासन ने कहा है कि वार्षिक हजयात्रा निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होगी। यहां शुक्रवार को क्रेन गिरने से करीब 107 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 200 सौ लोग जख्मी हो गए थे। इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में एक इस मस्जिद में दुर्घटना के समय जुमे की नामाज के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा थे।

एक पखवाड़े से भी कम समय बाद शुरू होने जा रही हजयात्रा के लिए हजारों हजयात्री पहुंच चुके हैं। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में एक इस उत्सव में पिछले साल करीब 20 लाख श्रद्धालु शामिल हुए थे। एक सऊदी अधिकारी ने कहा कि इस हादसे के बावजूद हज निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा। अपनी पहचान प्रकट करने से इनकार करते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘निश्चित ही इससे इस सीजन में हज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रभावित हिस्से को कुछ ही दिन में ठीक कर लिया जाएगा।’

दुनिया में सबसे अधिक मुसलिम जनसंख्या वाले देश इंडोनेशिया ने कहा कि इस हादसे में उसके दो नागरिकों की मौत हुई है। मलेशिया और ईरान का कहना है कि मृतकों में उनके नागरिक भी शामिल हैं। वैश्विक नेताओं ने इस हादसे पर शोक प्रकट किया है।

मक्का के गवर्नर शहजादा खालिद अल फैजल ने इस घटना की जांच का आदेश दिया है। मस्जिद में काम करने का दावा कर रहे अब्दुल अजीज नकूर ने बताया कि उसने तूफान के बाद क्रेन को गिरते देखा। उसने बताया कि अगर अल तवाफ पुल नहीं होता तो हताहतों की संख्या अधिक होती। उसका इशारा उस मार्ग की ओर था जो इस पवित्र काबा के चारों ओर से गुजरता है। यहां दुनियाभर से मुसलमान नमाज के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय पत्रकार कमाल इदरिस ने समाचार एजंसी एएफपी से कहा कि इस हादसे के बाद मरीजों के वास्ते शुक्रवार रात बड़ी संख्या में सऊदी और विदेशी नागरिक रक्तदान के लिए जुटे। एक अस्पताल के बाहर सड़क पर 100 से अधिक लोग रक्तदान के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

ट्विटर पर डाली गई तस्वीरों में रक्तरंजित शव उस जगह पर पड़े नजर आ रहे हैं, जहां क्रेन का शीर्ष हिस्सा बहुमंजिला इमारत पर गिरा। यू-ट्यूब पर डाले गए एक वीडियो में दिख रहा है कि क्रेन के गिरने के बाद लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे और इधर-उधर भाग रहे थे। सफेद और लाल रंगे के क्रेन का मलबा मस्जिद पर गिरा और उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

जुमे के नमाज के दिन यानी शुक्रवार को ग्रैंड मस्जिद में सबसे अधिक भीड़ होती है। शाम को मगरीब की नमाज के समय वहां बड़ी संख्या में लोग होते हैं, जो हादसे के एक घंटे बाद होनी थी। सरकारी सऊदी प्रेस एजंसी (एसपीए) से मक्का के दो पवित्र मस्जिदों के प्रवक्ता अहमद बिन मोहम्मद अल मंसूरी ने कहा कि स्थानीय समयानुसार शाम पांच बज कर दस मिनट पर तूफानी हवाओं और तेज बारिश की वजह से क्रेन का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया। एजंसी ने कहा कि शनिवार को और बारिश होने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मक्का स्थित इस्लामिक हैरिटेज रिसर्च फाउंडेशन के सह संस्थापक इरफान अल अलावी ने हादसे की तुलना किसी बम विस्फोट की घटना से की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने मस्जिद की अनदेखी कर कई क्रेनों को काम पर लगा रखी थीं। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने धरोहर पर ध्यान ही नहीं दिया, स्वास्थ्य और सुरक्षा की परवाह नहीं की।’ पवित्र स्थल पर पुनर्निर्माण के धुर विरोधी अलावी ने कहा कि यह निर्माण पैगंबर मोहम्मद से जोड़ने वाले संपर्कों को खत्म कर रहा है।

इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अमरमानथा नासिर ने कहा कि इस हादसे में दो इंडोनिशयाई नागरिकों की मौत के साथ 30 से अधिक उसके नागरिक घायल हुए हैं। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है। प्रवक्ता ने कहा, ‘महावाणिज्य दूत इस बात का पता लगाने के लिए अब भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भटक रहे हैं कि कहीं ऐसे और इंडोनेशियाई तो नहीं हैं जो घायल हैं और जिनका पता नहीं चल पाया है।’ वहीं मलेशिया ने इस हादसे में अपने दस नागरिकों के घायल होने की बात कही है।

इरान की सरकारी संवाद समिति इरना ने हज संगठन के प्रमुख के हवाले से खबर दी कि 15 ईरानी हजयात्री घायल हुए हैं। दुनियाभर से नेताओं ने इस इस घटना में लोगों के मारे जाने पर शोक जताया है। यह पहली बार नहीं है कि हजयात्रियों के साथ हादसा हुआ है। वर्ष 2006 में मीना के समीप शैतान को पत्थर मारने की रिवाज के दौरान मची भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। लेकिन अरबों डॉलर की परियोजनाओं की वजह से हाल के वर्षों में हज करीब करीब दुर्घटनामुक्त रहा। मक्का में ग्रैंड मस्जिद के भाग का चार लाख वर्ग मीटर तक विस्तार करने के लिए व्यापक परियोजना चल रही है ताकि वहां एक बार में 22 लाख लोगों के रहने की व्यवस्था की जा सके।

एसपीए ने बताया कि हज के लिए शुक्रवार तक करीब आठ लाख लोग पहुंच चुके थे । हज 21 सितंबर से शुरू होने की संभावना है। पिछले साल 20 लाख से अधिक लोगों ने हज में हिस्सा लिया था।

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