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‘इस्लाम छोड़ दिया, घरवाले मार डालेंगे’, लड़की की मदद के लिए सुषमा से गुहार

रहाफ ने कहा, ‘मेरा परिवार सख्त है और उसने मेरे बाल काटने को लेकर छह महीने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया था।' उसने कहा कि यदि मुझे वापस भेजा गया तो पक्का ही मुझे कैद कर लिया जाएगा।

Author January 7, 2019 2:01 PM
अल्कुनून ने कहा कि जब वह बैंकाक के स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर पहुंची तब उसे सऊदी और कुवैती अधिकारियों ने रोक लिया और उन्होंने उसके यात्रा कागजात जबरन ले लिेए। (Rahaf Mohammed Alqunun/Human Rights Watch via AP)

थाईलैंड में प्रवेश करने से रोक दी गई सऊदी लड़की रहाफ मोहम्मद एम अल्कुनून (18) ने बैंकाक हवाई अड्डे पर कहा है कि यदि थाई अधिकारी उसे वापस भेज देते हैं तो उसकी हत्या कर दी जाएगी। अल्कुनून ने एएफपी से कहा कि जब वह (बैंकाक के) स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर पहुंची तब उसे सऊदी और कुवैती अधिकारियों ने रोक लिया और उन्होंने उसके यात्रा कागजात जबरन ले लिए। रहाफ के दावे का ह्यूमन राइट्स वाच ने समर्थन किया है। रहाफ ने कहा, ‘उन्होंने मेरा पासपोर्ट ले लिया।’ उसने कहा कि उसके पुरुष अभिभावक ने बिना उसकी अनुमति के यात्रा करने की रिपोर्ट की थी। उसने कहा कि वह अपने परिवार से भाग रही थी क्योंकि उसे शारीरिक और मानसिक यंत्रणा दी जा रही थी। यहा बता दें कि सऊदी अरब में अभिभावक की बिना अनुमति के यात्रा करना कानूनन अपराध है।

रहाफ ने कहा, ‘मेरा परिवार सख्त है और उसने मेरे बाल काटने को लेकर छह महीने के लिए एक कमरे में बंद कर दिया था।’ उसने कहा कि यदि मुझे वापस भेजा गया तो पक्का ही मुझे कैद कर लिया जाएगा। उसने कहा, ‘मैं सौ फीसद पक्का हूं कि सऊदी जेल से निकलते ही वे मुझे मार डालेंगे।’ टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी अल्कुनून से बात की है। अल्कुनून ने अखबार को बताया, ‘जब मैं 16 साल की थी तब मैंने इस्लाम धर्म त्याग दिया। अगर मेरे परिवार को इसके बारे मे पता चल गया वो मेरी हत्या कर देंगे।’ अल्कुनून की कहानी दुनियाभर की मीडिया में आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उसकी मदद की अपील की है। कुछ भारतीय यूजर्स ने भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी लड़की मदद करने की अपील की है। वहीं, रहाफ ने कहा कि वह डरी हुई है और उसकी उम्मीद खत्म हो गई है।

थाईलैंड के मुख्य आव्रजन अधिकारी सुरचाटे हाकपार्न ने कहा कि रहाफ जब रविवार को कुवैत से यहां पहुंची तो उसे रोक लिया गया। उन्होंने कहा, ‘उसके पास वापसी टिकट जैसे दस्तावेज या पैसे नहीं थे। वह हवाई अड्डे पर एक होटल में है।’ उन्होंने कहा, ‘वह शादी से बचने के लिए अपने परिवार से भाग गई। उसे सऊदी अरब लौटने पर मुश्किलों में फंस जाने का डर है। हमने उसकी देखभाल के लिए अधिकारी भेजे हैं।’

उन्होंने कहा कि थाई प्रशासन ने समन्वय के लिए सऊदी अरब दूतावास से संपर्क किया है। लेकिन रहाफ ने उनका खंडन करते हुए कहा कि वह आस्ट्रेलिया में शरण लेने के लिए जा रही थी लेकिन उसे उसे स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर उतरने पर सऊदी और कुवैती दूतावासों के प्रतिनिधियों ने रोक लिया।

सोशल मीडिया यूजर्स ने UNHCR और एमनेस्टी इंटरनेशनल को भी ट्वीट किया है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन संस्थानों लड़की मदद करने की अपील की है। (जनसत्ता ऑनलाइन इनपुट सहित)

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