पुतिन ने 2036 तक पद पर बने रहने की अपनी योजनाओं के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देने से इनकार किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 2036 तक पद पर बने रहने की अपनी योजनाओं के बारे में पूछे गए एक सवाल को टालते हुए कहा कि इस बारे में बात करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि केवल ईश्वर ही जानता है कि क्या वह अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के अंत तक स्वस्थ रहेंगे।
रूस में 1999 से सत्तासीन 73 वर्षीय पुतिन ने गुरुवार को दुनियाभर की न्यूज एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान ये टिप्पणियां कीं। साल 2036 तक पद पर बने रहने से जुड़े सवाल पर पुतिन ने कहा, ”मैं अगले चुनावों के बारे में नहीं सोचता। केवल ईश्वर ही जानता है कि मेरी सेहत तब तक कैसी रहेगी। चाहे मैं हूं या आप हों और यहां एकत्रित सभी लोगों की बात हो, हमारे भीतर कल तक , परसों तक, या उससे भी आगे, हमारे सामने मौजूद कुछ कार्यों को करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता रहेगी या नहीं, कौन जानता है।”
अभी इस बारे में बात करना बहुत जल्दबाजी होगी- पुतिन
व्लादिमीर पुतिन जो साल 2024 में राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुने गए थे। उनका कार्यकाल 6 वर्ष का होगा। उन्होंने कहा कि रूसी संविधान उन्हें 2030 में होने वाले अगले चुनाव में फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति देता है। रूस के राष्ट्रपति ने कहा, ”संविधान के अनुसार, मुझे 2036 तक के लिए दोबारा चुना जा सकता है लेकिन अभी इस बारे में बात करना बहुत जल्दबाजी होगी। मैं बिल्कुल ईमानदारी से बता रहा हूं, मैं इस बारे में सोच भी नहीं रहा हूं। मैं आपसे बिल्कुल सच कह रहा हूं।”
1999 से सत्तासीन हैं व्लादिमीर पुतिन
पुतिन ने 1999 से 2000 तक रूस के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वह 2000 में चार साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुने गए। वह एक बार फिर साल 2004 में राष्ट्रपति चुने गए। उन्होंने 2008 से 2012 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। साल 2008 में रूस के राष्ट्रपति का कार्यकाल बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया था। व्लादिमीर पुतिन 2012 में राष्ट्रपति चुने गए और तब से इस पद पर हैं।
पाकिस्तान को लेकर ऐसा क्या बोले पुतिन?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ रिश्तों पर बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने दो टूक कहा कि रूस, भारत और चीन दोनों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
