रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। रविवार को यूक्रेन पर रूस के हमलों में आर्सेलरमित्तल कंपनी की एक साइट पर हमला हुआ। आर्सेलरमित्तल देश की सबसे बड़ी स्टील बनाने वाली कंपनी है, जिसके मालिक उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल हैं। कंपनी ने कीव पोस्ट को बताया कि इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 10 से ज़्यादा वर्कर और कॉन्ट्रैक्टर घायल हो गए।
मिसाइल हमले ने 16 अगस्त को आर्सेलरमित्तल माइनिंग और मेटलर्जिकल प्लांट को निशाना बनाया। इसके बाद कंपनी को ऑपरेशन रोकना पड़ा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमले में दो लोग मारे गए और 14 अन्य घायल हो गए। उन्होंने उत्तर-पूर्वी शहर सुमी में एक मौत की भी खबर दी।
मित्तल की फैक्ट्री पर हमला
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील बनाने वाली कंपनी की यूक्रेनी यूनिट आर्सेलरमित्तल ने बताया कि उसकी एक साइट पर मिसाइल हमला हुआ था। इन हमलों में यूक्रेन में दूसरी जगहों पर भी लोग मारे गए और नुकसान हुआ। रीजनल मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन के हेड इवान फेडोरोव के मुताबिक दक्षिणी ज़ापोरिज्जिया इलाके में एक आदमी और एक औरत की मौत हो गई, जब उनके घर पर हमला हुआ।
कीव में कई जगह हुए हमले
कीव में रूसी हमलों से कई जगहों पर आग लग गई और छह लोग घायल हो गए। पोचैना मेट्रो स्टेशन के पास कीव के सबसे बड़े बुक मार्केट में से एक में भीषण आग लग गई, जिससे पास-पास लगे कियोस्क जलकर खाक हो गए और आसमान में काले धुएं का घना गुबार उठ गया।
ज़ेलेंस्की ने इस हमले पर कहा, “रूसी अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों से जहां भी पहुंच सकते हैं, वे सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करते हैं।” वहीं रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने क्रीवी रिह में एक मेटलर्जिकल प्लांट के साथ-साथ कीव में कई मिलिट्री-इंडस्ट्रियल जगहों को निशाना बनाया, जिसमें यूक्रेन की फ्लेमिंगो मिसाइल बनाने वाली एक साइट भी शामिल है। यूक्रेन में बनी लंबी दूरी की मिसाइलें रूसी इलाके पर हमले कर रही हैं। ज़ेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन ने यूक्रेनी बॉर्डर से करीब 900 km (560 मील) दूर समारा में एक रॉकेट रिसर्च और प्रोडक्शन सेंटर पर हमला करने के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल किया था।
यह भी पढ़ें: ‘हम उन्हें अपना देश थाली में परोसकर नहीं दे सकते’, रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल होने पर बोले जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ लगभग चार साल के युद्ध के बाद यूक्रेनी लोग थक चुके हैं, लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि मॉस्को की मांगों के आगे झुकना कोई विकल्प नहीं है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
