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अमेरिकी एफ/ए-18 लड़ाकू विमानों ने घुसपैठिए रूसी बमवर्षक विमानों को खदेड़ा, सामने आई तस्‍वीर

इसी साल जून में रूस ने बाल्टिक सागर की अंतरराष्ट्रीय सीमा में उड़ रहे एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को बाहर का रास्ता दिखाया था।

अमेरिका नौसेना द्वारा जारी की गयी तस्वीर जिसमें इस साल जून में रूसी विमान अमेरिकी विमान से पांच फीट दूरी पर उड़ रहा था।

रविवार (29 अक्टूबर) को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा में घुस आए दो रूसी बमवर्षकों को अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने घेरकर बाहर का रास्ता दिखाया। अमेरिकी न्यूज नेटवर्क सीएनएन के अनुसार रूस के टीयू-95 बमवर्षक को अपनी सीमा से बाहर निकालने के लिए अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड रीगन से एफ/ए-18 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन से महज 80 मील दूरी पर उड़ान भर रहे रूसी बमवर्षकों को बगैर किसी अवांछित घटना के अमेरिकी समुद्री सीमा से बाहर कर दिया गया। ये वाकया जापान सागर या पूर्वी सागर के ऊपर हुई।

इस इलाके में अमेरिका के सातवें नौसैनिक बेड़े में शामिल  विमानवाहक पोत यूएसएस रोनाल्ड रीगन, यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट और यूएसएस निमिट्ज तैनात हैं। जापान में तैनात रूजवेल्ट और निमिट्ज हाल ही में रीगन के संग इस इलाके में तैनात किए गये हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका ने ये तैनाती पिछले कुछ समय में उत्तर कोरिया द्वारा अमेरिका और जापान को दी गयी धमकियों के मद्देनजर की हैं। इस तैनाती के एक मकसद रूस और चीन को संदेश देना भी है। ये दोनों देश उत्तर कोरिया का बचाव करते रहे हैं। हाल ही में रूस के बमवर्षक विमानों कोरिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरी थी।

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रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा में उड़ान भरने वाले एक दूसरे के विमानों को पहले भी रूस और अमेरिका रोक कर सीमा से बाहर करते रहे हैं। इसी साल जून में रूस ने बाल्टिक सागर की अंतरराष्ट्रीय सीमा में उड़ रहे एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को बाहर का रास्ता दिखाया था। जून में हुए मामले में रूसी विमान अमेरिकी विमान से महज पांच फीट दूरी पर उड़ान भर रहा था जिसे लेकर अमेरिका ने आपत्ति जतायी थी। रूस ने कहा था कि अमेरिकी विमान उसकी सीमा की तरफ आ रहे थे इसलिए उन्हें रोक कर बाहर किया गया।

सीएनएन के अनुसार जून में करीब 30 ऐसे मामले हुए जिनमें रूस या अमेरिका ने एक दूसरे के लड़ाकू विमानों को बाहर निकलने को बाध्य किया।  अमेरिका नौसेना ने सीएनएन से कहा कि इन उड़ान से चिंतित होने की कोई वजह नहीं है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि कई बार उसके लड़ाकू विमान भी रूसी या चीनी समुद्री सीमा में चले जाते हैं।

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