भारत की सभी जरूरतों को रूस पूरा करेगा। यह भरोसा रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दिया है। उन्होंने कहा कि हम भारत से ऊर्जा संबंधी किए वादे को पूरा करते रहेंगे, भले ही रूसी निर्यात को निशाना बनाने वाली अनुचित और बेईमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़े।

नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस भारत के ऊर्जा जरूरतों पर कोई असर नहीं पड़ने देगा वह इस बात को सुनिश्चित करेगा और उन्होंने अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर अपना दबदबा बनाने व रूस की आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

रूसी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीख करते हुए उन्हें दुनिया का सबसे ऊर्जावान नेताओं में एक बताया।

भारत के हितों का ध्यान रखेंगे- रूस

नई दिल्ली की अपनी यात्रा से पहले ब्रॉडकास्टर आरटी इंडिया से बात करते हुए, रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के ऊर्जा हित सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा, “मैं गारंटी दे सकता हूं रूसी आपूर्ति से जुड़े भारत के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। हम ध्यान रखेंगे और कोशिश करेंगे कि यह अनुचित और बेईमान प्रतिस्पर्धा हमारे समझौतों को नुकसान न पहुंचाए।”

सर्गेई लावरोव ने जोर देते हुए कहा कि रूस ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत या अन्य साझेदारों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने में कभी कोताही नहीं बरती है। उन्होंने कहा, “भारत को और अधिक ऊर्जा की जरूरत है। हम गैस, तेल और कोयले जैसे हाइड्रोकार्बन की आपूर्ति कर रहे हैं।”

रूसी विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ करते हुए उन्हें “दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में से एक” बताया।

सर्गेई लावरोव ने भारत-रूस के संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा कोई भी सेनेरियो नहीं है जिसमें दोनों देशों के रास्ते अलग हो सकें। उन्होंने कहा, “ऐसी कोई स्थिति हो ही नहीं सकती जिसमें हमारे रास्ते अलग हो जाएं यह तो सोचा भी नहीं जा सकता।”

हिंदी-रूसी भाई-भाई- सर्गेई लावरोव

उन्होंने लोकप्रिय नारे “हिंदी-रूसी भाई-भाई” का जिक्र करते हुए कहा कि यह रूसी संस्कृति का हिस्सा बन चुका है; उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सिनेमा और राज कपूर जैसे कलाकार पूरे रूस में आज भी बेहद लोकप्रिय हैं।

नई दिल्ली में BRICS की बैठक में शामिल होने आ रहे

रूसी विदेश मंत्री 14-15 मई को नई दिल्ली में होने वाली BRICS के विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ शामिल होंगे।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब BRICS के सदस्य मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलमार्ग संकट को लेकर बंटे हुए हैं। भारत एक कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है क्योंकि ईरान, सऊदी अरब, UAE और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से इस क्षेत्र की जियोपॉलिटिक्स लगातार बदल रही है।

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अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले से पैदा हुए तेल और गैस संकट से रूस को बहुत बड़ा फायदा हुआ है। रूस को अपने सबसे बड़े सिंगल आयल टैक्स से प्राप्त होने वाला राजस्व अप्रैल में दोगुना होकर 9 अरब डॉलर तक पहुंचने की अनुमान है।रॉयटर्स ने अपने कैलकुलेशन से इस बात की उम्मीद जताई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें