रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिकी-इजरायल हमलों की निंदा की है। रूस ने शनिवार को कहा है कि यह हमला एक संप्रभु और स्वतंत्र देश के खिलाफ किया गया है। रूस ने मांग की है कि सैन्य अभियान को तत्काल रोका जाए और कूटनीतिक रास्ते पर लौटा जाए।
विदेश मंत्रालय ने टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरानी परमाणु कार्यक्रम के बारे में चिंताओं की आड़ लेकर तेहरान में सत्ता बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमलों से इलाके में मानवीय, आर्थिक और संभवतः रेडियोलॉजिकल तबाही का खतरा है और अमेरिका और इजरायल मध्य-पूर्व को युद्ध की ओर धकेलना चाहते हैं।
मध्यस्थता करने के लिए तैयार है रूस
रूस ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के सुरक्षा उपायों के तहत आने वाले परमाणु संयंत्रों पर बमबारी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता करने को तैयार है।
रूस ने तनाव बढ़ने के लिए पूरी तरह अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। रूस कई सालों से मध्य-पूर्व में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। उसके इजरायल के साथ अच्छे संबंध हैं और वह ईरान के साथ भी मजबूत आर्थिक और सैन्य संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है।
सावधानी बरतें और सतर्क रहें- भारत
ईरान के खिलाफ इस बड़े हमले के बाद भारत ने शनिवार को ईरान और इजरायल में रहने वाले अपने नागरिकों को बहुत ज्यादा सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है। ईरान में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और सावधानी बरतने के साथ ही जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की अपील की है।
दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक खबरों पर नजर बनाए रखें, आसपास के हालात को लेकर जागरूक रहें और भारतीय दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करें।
भारत ने इसी तरह इजरायल में रह रहे अपने नागरिकों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है और उन्हें
अत्यधिक सावधानी बरतने और हर समय सतर्क रहने की सलाह दी है।
ईरान ने की जवाबी कार्रवाई, इजरायल पर दागीं 70 मिसाइलें
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