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महिलाओं को दफ्तर में स्कर्ट पहनने पर ज्यादा पैसे देने का ऑफर! निशाने पर यह कंपनी

महिला कर्मचारियों को बालों को बांधने और मेकअप करने की भी हिदायत दी गई है। कंपनी की दलील है कि इससे दफ्तर के माहौल और खास तौर पर पुरुष स्टाफ पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

कंपनी के खिलाफ रुस में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रूस में एक कंपनी द्वारा महिला कर्मचारियों को दफ्तर में स्कर्ट या ड्रेस पहनने पर अतिरिक्त भुगतान करने के ऑफर पर विवाद खड़ा हो गया है। महिलावादी विचारकों ने कंपनी की इस पहल की कड़ी आलोचना की है। बता दें कि एल्युमुनियम कंपनी टैटप्रोफ ने उन महिला स्टाफ को प्रतिदिन 106 रुपये देने का वादा किया है, जो अपने बॉस को नियमों के मुताबिक पहनी गई लिबास में अपनी सेल्फी भेजेंगी।

महिला कर्मचारियों को बालों को बांधने और मेकअप करने की भी हिदायत दी गई है। कंपनी की दलील है कि इससे दफ्तर के माहौल और खास तौर पर पुरुष स्टाफ पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस फैसले पर जमकर भड़ास निकाली। एक यूजर ने यहां तक कहा कि वह दफ्तर में पुरुषों का दिन बेहतर करने के लिए नहीं जाती हैं। रायटर्स की एक खबर के अनुसार, कंपनी ने इस पर कोई सीधी टिप्पणी करने से तो इनकार कर दिया, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं कि यह फैसला महिला विरोधी है। कंपनी का कहना है कि जिन महिलाओं ने अपनी सेल्फियां भेजीं, वे ‘मुस्कुराती और दमकती’ नजर आईं।

बता दें कि टैटप्रोफ पश्चिमी रूस के एक औद्योगिक शहर नाबरिजमी चिलनी की कंपनी है। यह खिड़कियों के फ्रेम, बालकनी की रेलिंग से लेकर कई सारे एल्मुनियम से बने प्रोडक्ट बनाती है। उधर, इक्वैलिटी नाउ के यूरोपियन ऑफिस के डायरेक्टर जैक्वी हंट ने कहा कि इस तरह के ऑफर रूसी महिलाओं के लिए अपमानजनक हैं और ये पुरुष और महिलाएं, दोनों को समाज में पीछे ढकेलते हैं। यह समाज को विकसित करने के बजाए उसे खोखला करता है।

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