ताज़ा खबर
 

बेटियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे रोंहिग्या शरणार्थी, यूएन की रिपोर्ट

बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख पहुंच गई है और म्यांमा से आने वाले शरणार्थी अपनी युवतियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे हैं।

Author संयुक्त राष्ट्र | October 18, 2018 2:13 PM
अपनी बेटियों को बेच रहे रोहिंग्या शरणार्थी

बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख पहुंच गई है और म्यांमा से आने वाले शरणार्थी अपनी युवतियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी (आईओएम) ने मंगलवार को कहा कि थोड़े से पैसे पाने की बेचैनी और हताशा में परिवार अपनी बच्चियों को बेहद खतरनाक माहौल में काम करने के लिए भेज रहे हैं। आईओएम का कहना है कि जो महिलाएं और बच्चियां इस बंधुआ मजदूरी में फंसी हुई हैं उनमें से दो-तिहाई कॉक्स बाजार में संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाली सहायता का लाभ ले रहे हैं। करीब 10 प्रतिशत बच्चियां और महिलाएं यौन उत्पीड़न की भी शिकार हैं।

संस्था का कहना है कि पुरुष और बच्चे भी इससे अछूते नहीं हैं और जबरन श्रम कार्यों में लगे करीब एक तिहाई शरणार्थी रोहिंग्या हैं। आईओएम का कहना है कि काम और बेहतर जीवन के झूठे वादों के बावजूद उन्हें कोई कदम बहुत कठोर नहीं लगता है। कुछ पीड़ितों को तो इससे जुड़े खतरों की जानकारी नहीं है या फिर वह अपने हालात से इस कदर परेशान हो चुके हैं कि उन्हें कुछ भी कठोर नहीं लगता।

कॉक्स बाजार में सुरक्षा सेवाओं की आईओएम प्रमुख डिना पारमेर का कहना है, ‘‘पूरे परिवार के लिए परिवार के एक सदस्य की कुर्बानी देना, ही तर्क है।’’ एजेंसी का कहना है कि बांग्लादेश में रोंिहग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख पहुंच गई है। अगस्त 2017 से शुरू हुए इस संकट के बाद से आईओएम के तस्करी निरोधी और सुरक्षा कर्मचारियों ने करीब 100 लोगों को तस्करों के चुंगल से छूट कर कॉक्स बाजार वापस आने में मदद की है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 बांग्लादेश: सबसे बड़े हिंदू मंदिर के लिए पीएम शेख हसीना ने दी 43 करोड़ रुपये की जमीन
2 पाक सरकार की कारों को खरीदने के लिए तैयार नहीं लोग, 49 में से केवल 1 बिकी
3 अफगानिस्तान: चुनाव से पहले समर्थकों संग कर रहे थे बैठक, सोफे के नीचे बम फटने से मशूहर नेता की मौत