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अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध के ख़िलाफ़ हैं टिलरसन

टिलरसन ने कहा कि मुस्लिमों की रजिस्ट्री बनाने पर समर्थन देने से पहले वह यह जानना चाहेंगे कि सरकार इसे किस तरह बनाएगी।

Author वॉशिंगटन | January 12, 2017 3:15 PM
अमेरिकी विदेश मंत्री पद के लिए चुने गए रेक्स टिलरसन। (AP/PTI/12 jan, 2017)

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विदेश मंत्री पद के लिए चुने गए रेक्स टिलरसन ने कहा कि वह यात्रा पर आने वाले मुस्लिमों पर पूर्ण प्रतिबंध का समर्थन नहीं करते हैं। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों के खिलाफ अमेरिका को युद्ध मैदान में तो लड़ाई जीतनी ही चाहिए, विचारों का युद्ध भी उसे जीतना चाहिए। बुधवार (11 जनवरी) को अपने नामांकन की पुष्टि संबंधी सुनवाई के लिए सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के समक्ष पेश हुए एक्सॅन मोबिल के पूर्व सीईओ 64 वर्षीय रेक्स ने कहा, ‘मेरे खयाल से महत्वपूर्ण बात यह है कि देश में आने वाले लोगों के बारे में हम फैसला ले सकते हैं। इसलिए मैं विशेष वर्ग या समूह के लोगों को पूर्ण रूप से अस्वीकार कर देने का समर्थन नहीं करता हूं।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह साफ है कि हमारे समक्ष देश में आने वाले लोगों की अच्छी जांच परख की गंभीर चुनौती है खासकर ऐसे समय जब विश्व के कुछ हिस्सों में अस्थिरता बनी हुई है। यह एक बड़ी चुनौती है और मुझे नहीं लगता कि हम इसे नजरअंदाज कर सकते हैं। हमें इस खतरे को अच्छी तरह पहचानना होगा और इससे निबटने के लिए साधन विकसित करने होंगे।’ अमेरिका और यूरोप में इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा आतंकी हमलों को अंजाम देने के बाद नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में मुस्लिमों की यात्रा और अप्रवासन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने इस संकल्प से कदम वापस खींच लिए थे और कहा था कि जिन देशों में आतंकवाद फैला हुआ है वहां से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।

टिलरसन ने कहा कि मुस्लिमों की रजिस्ट्री बनाने पर समर्थन देने से पहले वह यह जानना चाहेंगे कि सरकार इसे किस तरह बनाएगी। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बारे में और अधिक जानकारी पाना चाहूंगा कि इसे अमलीजामा कैसे पहनाया जाएगा। और अगर यह जांच परख उपाय है तो इसका विस्तार दूसरे लोगों तक भी किया जाएगा- उन समूहों तक जो अमेरिका के लिए खतरा हैं।’ टिलरसन ने कहा कि अमेरिका को इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियो के खिलाफ युद्ध के मैदान में लड़ाई तो जीतनी ही चाहिए लेकिन इसके साथ विचारों की लड़ाई में भी जीत हासिल करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पहले वह जो काम करते थे उसकी वजह से उन्हें मुस्लिम देशों में जाना पड़ता था। टिलरसन ने कहा, ‘इस धर्म के प्रति के मेरे मन में सराहना का भाव है। मेरा मानना है कि हमें उन मुस्लिम आवाजों का समर्थन करना चाहिए जो उस कट्टरपंथी इस्लाम का विरोध करते हैं जिसका विरोध हम भी करते हैं।’ टिलरसन के मुताबिक यह युद्ध जीतने का हिस्सा है, वह युद्ध जो युद्ध क्षेत्र में नहीं लड़ा जाता। उन्होंने कहा, ‘हमें विचारों की लड़ाई लड़नी होगी। इस युद्ध हमारे सबसे बड़े सहयोगी होंगे नरमपंथी मुस्लिम।’

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