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‘सीरिया में आईएस’ के लिए लड़ाई लड़ चुका है इंस्ताबुल का हमलावर

मारे गए 39 लोगों में 27 विदेशी नागरिक थे जिनमें मुख्यत: अरब देशों के थे।

Author इस्ताम्बुल | January 3, 2017 6:05 PM
तुर्की के इस्तांबुल शहर का रेइना नाइटक्लब। (REUTERS/Umit Bektas/1 jan, 2016)

इस्ताम्बुल के नाइटक्लब में 39 लोगों की हत्या करने वाला बंदूकधारी सीरिया में इस्लामिक स्टेट के जिहादियों की तरफ से लड़ चुका है। यह जानकारी मंगलवार (3 जनवरी) को एक खबर में दी गई। तुर्की के अधिकारियों ने हमलावर की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने संदिग्ध की तस्वीरें जारी कीं जिसने नववर्ष की रात रिना नाइटक्लब में गोलीबारी की और रात का फायदा उठाकर भाग निकला। मारे गए 39 लोगों में 27 विदेशी नागरिक थे जिनमें मुख्यत: अरब देशों के थे। इस्लामिक स्टेट समूह ने सोमवार (2 जनवरी) को हमले की जिम्मेदारी ली और पहली बार इसने तुर्की में किसी बड़े हमले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने तुर्की के इस्तांबुल शहर में नववर्ष के मौके पर एक नाइट क्लब में हुए हमले की सोमवार (2 जनवरी) जिम्मेदारी ली। बहरहाल, हमलावर अब तक फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। रविवार (1 जनवरी) के हमले में मारे गए विदेशी नागरिकों के अधिकतर परिजन शवों की पहचान कर रहे हैं। मरने वालों में अधिकतर गैर तुर्क और मुख्यत: अरब से हैं। नया साल शुरू हुए सिर्फ 75 मिनट ही हुए थे कि इस्तांबुल के इस चमक दमक वाले आयोजन स्थल पर बंदूकधारी ने गोलियां बरसाकर कत्लेआम मचा दिया। तुर्की में बीते साल हुए एक और हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे और इसके लिए आईएस तथा कुर्द हमलावरों को जिम्मेदार ठहराया गया था।

सोशल मीडिया पर जिहादी समूह की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘खिलाफत के लड़ाकों’ में से एक ने रेइना नाइट क्लब पर हमला किया था। इसमें मुस्लिम बहुल तुर्की पर ईसाइयों का नौकर होने का आरोप लगाया गया। संभवत: ऐसा पड़ोसी देशसीरिया एवं इराक में आईएस के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय संगठन के साथ तुर्की के गठबंधन के संदर्भ में किया गया। बयान में कहा गया कि युद्धग्रस्त सीरिया में आईएस के खिलाफ तुर्की के सैन्य दखल के जवाब में यह हमला था।

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