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रिपोर्ट: इस साल मारे गए 80 पत्रकार, जर्नलिस्‍ट के लिए पांचवां सबसे खतरनाक देश बना भारत

भारत को लेकर रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में पत्रकारों के लिए खतरा है। रिपोर्ट में दो घटनाओं का जिक्र भी किया गया है। पहला मामला बिहार का है। जबकि दूसरा केस मध्य प्रदेश का है।

Author December 19, 2018 6:12 PM
रिपोर्ट में भारत की दो घटनाओं का जिक्र किया गया है। (फोटो सोर्स ; Indian Express)

पत्रकारों को लेकर रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में पत्रकारों की बढ़ती हत्याओं के आंकड़े रखे गए हैं। इसमें बताया गया है कि, इस साल पत्रकारों की हत्या के आंकड़े बढ़ गए हैं। इस साल अब तक कुल 80 जर्नलिस्ट की हत्याएं हुई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल मारे मारे गए 80 में से 63 प्रोफेशन जर्नलिस्ट थे। जबकि बीते साल 55 पेशेवर पत्रकार मारे गए थे। यही नहीं, रिपोर्ट में उन देशों का जिक्र किया गया है, जहां पत्रकारों के लिए काम करना आसान नहीं है। इसमें भारत का भी नाम है। जो पत्रकारों के लिए पांचवां सबसे खतरनाक देश रिपोर्ट में बताया गया है।

रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 की तुलना में 2018 पत्रकारों की ज्यादा हत्याएं हुईं। जबकि 348 को डिटेंड किया गया। वहीं 60 को बंधक बनाया गया। साथ ही तीन पत्रकार लापता हैं। इस साल हुई 80 में से 49 पत्रकारों की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई। जिन्होंने अपनी रिपोर्टिंग से राजनीतिक, आर्थिक, धार्मिक और आपराधिक संगठनों में हलचल पैदा की थी। 2018 में चीन में 60, इजिप्ट में 38, टर्की में 33, इरान और सउदी अरब में 28 पत्रकारों को डिटेंड किया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि, अफगानिस्तान में ही 2018 में 15 पत्रकार मारे गए। अफगानिस्तान को पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक देश बताया गया है। वहीं, सीरिया में 11 जर्नलिस्ट की हत्याएं हुईं। मैक्सिको में 9, यमन में 8, यूनाइटेड स्टेट और भारत में 6 पत्रकार मारे गए। भारत को लेकर रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में पत्रकारों के लिए खतरा है। रिपोर्ट में दो घटनाओं का जिक्र भी किया गया है।

पहला मामला बिहार का है। जहां एक ग्राम प्रधान द्वारा दो पत्रकार नवीन निश्चल और विजय सिंह की हत्या कर दी गई थीं। इस घटना के दिन ही मध्य प्रदेश में संदीप शर्मा नाम के जर्नलिस्ट की हत्या कर दी गई थी। संदीप शर्मा खनन माफियाओं के निशाने पर थे। वहीं, नवीन निश्चल और विजय सिंह दैनिक भाष्कर के लिए रिपोर्टिंग करते थे। परिवार ने आरोप लगया था कि दोनों को ग्राम प्रधान ने मारा है।

यूएस में इस साल 6 पत्रकार मारे गए। इनमें से 5 जर्नलिस्ट एक ही संस्थान कैपिटल गैजेट के थे। यह यहां स्थित एनापॉलिस का स्थानीय अखबार है। वहीं, यूएस में ही इस साल 28 जून को जर्नलिस्ट मैरीलैंड की गोलीमार कर हत्या कर दी गई थी।  इसी साल वाशिंगटन पोस्ट के कॉलमिस्ट जमाल खशोगी की भी हत्या हुई थी। जिस पर पूरी दुनिया में चर्चा हुई थी। खशोगी की हत्या 2 अक्टूबर को सउदी अरब में दर्दनाक तरीके से की गई थी। जर्नलिस्ट जमाल की हत्या ने राजनीतिक भूचाल ला दिया था।

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