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ईसाइयों को चीन का आदेश- गरीबी मिटानी है तो यीशु की नहीं चिनफिंग की फोटो लगाओ

राष्ट्रपति चिनफिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ने देश से 2020 तक गरीबी मिटाने का लक्ष्य अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है।

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी ने इस आदेश के बाद राष्ट्रपति के एक हजार पोट्रेट लोगों को बांटे हैं।

चीन में बुधवार को एक अनोखा आदेश जारी किया गया। यहां रहने वाले ईसाइयों से कहा गया कि अगर वे देश से गरीबी मिटाना चाहते हैं, तो प्रभु यीशू के बजाय राष्ट्रपति शी चिनफिंग की फोटो लगाएं। यह भी कहा गया कि यीशू उन्हें गरीबी से नहीं उबारेंगे। लेकिन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऐसा कर सकती है। शी चिनफिंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ने देश से 2020 तक गरीबी मिटाने का लक्ष्य अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है। स्थानीय अधिकारियों ने इस बाबत यहां के युगान काउंटी इलाके में लोगों से कहा कि यीशू उनकी गरीबी और बीमारियों से जुड़ी समस्याओं को हल नहीं कर पाएंगे। लेकिन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी यह काम कर सकती है।

चीन की सबसे बड़ी झील पोयांग के किनारे पर बसा जियांग्जी प्रांत गरीबी और ईसाई बहुल इलाके के रूप में जाना जाता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां 10 लाख लोगों में 11 फीसद से अधिक लोग गरीबी रेखा के नीचे जी रहे हैं। जबकि, 10 फीसद ईसाई हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर युगान काउंटी के एक अकाउंट से कहा गया कि गांव वालों ने प्रभु यीशू के 624 पोस्टर हटा दिए हैं। ऐसा उन्होंने अपनी मर्जी से किया है, उनकी जगह पर उन लोगों ने राष्ट्रपति की 453 तस्वीरें लगाई हैं।

ऐसा ही मिलता-जुलता वाकया चीन के पहले कम्युनिस्ट नेता माओ जेडॉन्ग के साथ हुआ था। तब उनकी तस्वीर भी हर चीनी के घर में रहती थी। हालिया अभियान में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने गांवों का दौरा किया था और लोगों का बताया था कि वे कैसे गरीबी मिटाने और कृषि के क्षेत्र में उनकी मदद कर रही है। इतना ही नहीं, चिनफिंग के सचिव क्वी ने बताया कि सरकार ने अब तक राष्ट्रपति की कुल एक हजार तस्वीरें लोगों को बांटी हैं, जो उन्होंने अपने घरों में लगा रखी हैं।

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