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धर्म से अलग करें आतंकवादः नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को दुनिया का सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसे धर्म से अलग करने का आह्वान किया।

Author कुआलालंपुर | November 23, 2015 12:03 AM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद को दुनिया का सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इसे धर्म से अलग करने का आह्वान किया। साथ ही दुनिया से एकजुट होकर राजनीतिक संतुलन से ऊपर उठकर एक नई रणनीति के साथ इसका मुकाबला करने को कहा। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने यह भी तय करने को कहा कि कोई देश आतंकवाद का इस्तेमाल, समर्थन या प्रोत्साहन नहीं करने पाए। साथ ही उन्होंने भारत की विविधता को उसकी ताकत बताया।

दुनिया भर में इस्लामिक स्टेट समेत विभिन्न आतंकी संगठनों के युवाओं को लुभाने की कोशिशों के बीच प्रधानमंत्री ने यह भी तय करने को कहा कि इंटरनेट आतंकवादियों की भर्ती का जरिया नहीं बनने पाए। पेरिस, अंकारा, माली में हुए हाल के आतंकी हमलों का संदर्भ देते हुए मोदी ने कहा, ‘आतंकवाद आज दुनिया का सबसे बड़ा खतरा बन गया है। इसकी कोई सीमा नहीं है। और यह धर्म का नाम लेकर लोगों का अपने लिए इस्तेमाल करता है। लेकिन यह सभी धर्मों के लोगों की हत्या करता है। हमें आतंकवाद से धर्म को अलग करना होगा। विभेद केवल यह होना चाहिए कि कौन मानवता में विश्वास रखते हैं और कौन लोग इसमें नहीं रखते हैं’।

यहां भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे समय की इस सबसे बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए दुनिया को एक साथ आना होगा। हम अपने खुफिया तंत्र की सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकते हैं, हम सेनाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, हम कानूनी व्यवस्था में सहयोग कर सकते हैं। लेकिन जब मैं कहता हूं कि दुनिया को इसके खिलाफ एक साथ आना चाहिए तब यह केवल सुरक्षा सहयोग तक ही सीमित नहीं होता है बल्कि इसका आशय यह तय करना होता है कि कोई भी देश आतंकवाद का इस्तेमाल न करे और न ही इसे प्रोत्साहित करे’।

भारत की विविधता को उसकी ताकत बताते हुए मोदी ने कहा, ‘आज भारत न सिर्फ एक है बल्कि अपनी विविधता से अपनी शक्ति पाता है। यह एक ऐसा राष्ट्र है जो उसके सभी नागरिकों का है, जहां सभी को संविधान ने समान अधिकारों की गारंटी दी है, अदालत जिन्हें संरक्षण देती है और सरकार सुरक्षा’।

प्रधानमंत्री ने दसवें पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन में कहा कि इस मंच से हम अक्सर आतंकवाद पर किसी एक क्षेत्र की समस्या के रूप में विचार करते हैं। लेकिन पेरिस, अंकारा, बेरूत, माली की धरती और रूसी विमान पर हुए बर्बर आतंकी हमले इस बात को याद दिलाने के लिए काफी हैं कि आतंकवाद का साया हमारे समाजों और विश्वभर में फैल चुका है। दुनिया भर में हो रही आतंकवादियों की भर्तियों और उनके द्वारा आतंकी हमले करना इस बात का सबूत है’।

उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें नए वैश्विक प्रण और नई वैश्विक रणनीति निर्मित करनी होगी, जो हमारी राजनीतिक मीमांसा को संतुलित करने से परे हो। किसी देश को आतंकवाद का इस्तेमाल या समर्थन नहीं करना चाहिए। समूहों के बीच कोई अंतर नहीं हो। कोई पनाहगाह न हो। कोई वित्त पोषण न हो। हथियारों तक पहुंच न हो। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार और गरीबी को समाप्त कर रही है और नीति आधारित ऐसी शासन व्यवस्था बना रही है जहां किसी के साथ भेदभाव का कोई स्थान न हो। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है जो इस समय 7.5 फीसद की दर से बढ़ रही है और आने वाले सालों में यह दर और बढ़ेगी।

मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र या विश्व व्यापार संगठन के कांफ्रेंस कक्ष में किए गए फैसले भारत के गांव में किसानों के जीवन को प्रभावित कर सकते हैं, एक स्थान की जीवनशैली, जलवायु या कृषि दूसरे स्थान पर प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि हमें एक-दूसरे के बाजार और संसाधनों की जरूरत है, हमें मित्र और सहयोगी तलाशने के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं है। दक्षिण पूर्व एशिया हमारे समुद्र और भूमि से जुÞड़ा पड़ोस है। यह क्षेत्र प्रतिभा, संस्कृति और उद्यमिता से भरपूर है।

मोदी ने घोषणा की कि मलेशिया स्थित भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम आजाद हिंद फौज गठित करने वाले स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखा जाएगा। कुआलालंपुर स्थित गांधी स्मारक हॉल में गांधीजी की आवक्ष प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा द्वितीय विश्वयुद्ध में अपना पराक्रम दिखाने वाले और बलिदान देने वाले मलय-भारतीय सैनिकों के सम्मान में मलेशिया के कम्पार के पास पेराक में युद्धस्थल के पास स्मारक बनाए जाने को लेकर भारत सरकार यहां की सरकार के साथ काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह भारत और मलेशिया की ओर से दिये जाने वाली डिग्रियों को तत्काल मान्यता देने के पक्षधर हैं और वह इस बारे में अपने मलेशियाई समकक्ष नजीब से चर्चा करेंगे। उन्होंने मलय-भारतीय छात्रों को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए भारतीय छात्र ट्रस्ट कोष को दस लाख डॉलर का अनुदान देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ई वीजा सुविधा पेश की है जिससे यात्रा आसान हो गई है। मलेशिया में हमने नौ वीजा केंद्र खोले हैं। इसके साथ ही कामगारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ईमाइग्रेंट पोर्टल भी स्थापित किया गया है।
इंटरनेट से न हो आतंकियों की भर्ती
इंटरनेट आतंकवादियों की भर्ती का जरिया नहीं बनने पाए। आतंकवाद आज दुनिया का सबसे बड़ा खतरा बन गया है। इसकी कोई सीमा नहीं है।
-नरेंद्र मोदी

आज से शुरू मोदी की पहली सिंहापुर यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर सोमवार को यहां पहुंचेंगे। दोनों देश एक समझौते पर हस्ताक्षर कर अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक ले जाएंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने संबंधी एक समझौते सहित साइबर सुरक्षा, संस्कृति और शहरी प्रबंधन प्रशिक्षण जैसे कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। मोदी सिंगापुर के अपने समकक्ष ली एच लूंग, राष्ट्रपति टोनी तान केंग याम और सेवामुक्त हो चुके वरिष्ठ मंत्री गोह चोक तोंगे से मिलेंगे।

 

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