हिटलर की प्रशंसा करने और यहूदी-विरोधी टिप्पणियां करने वाले कट्टरपंथी इस्लामी धर्मगुरु मिजानुर रहमान अजहरी को आस्ट्रेलिया से निर्वासित कर दिया गया है। साथ ही उनके दोबारा प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बांग्लादेशी इस्लामी उपदेशक मिजानुर रहमान अजहरी इस्लामिक प्रैक्टिस एंड दावाह सर्कल द्वारा आयोजित एक दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया में थे। वो इस सप्ताह ब्रिस्बेन, मेलबर्न, सिडनी और कैनबरा में आयोजित कार्यक्रमों में भाषण देने वाले थे।

अजहरी ने पहले भी हिटलर की कार्रवाइयों की प्रशंसा करते हुए उपदेश दिए हैं। जिसमें उन्होंने यहूदियों के खिलाफ हिटलर के कार्यों को “ईश्वरीय दंड” बताया है। साथ ही कई यहूदी विरोधी टिप्पणियां की। जिसमें यहूदियों को दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी के रूप में वर्णित किया गया है।

आस्ट्रेलिया के लिबरल सीनेटर जॉन डुनियम ने कहा कि विवादित व्यक्ति को ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश करने के लिए सरकार द्वारा वीजा दिया गया था, जबकि उसे ब्रिटेन में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था और उसके अपने देश में अधिकारियों द्वारा उस पर नजर रखी जा रही थी।

डुनियम ने कहा कि बांग्लादेशी सरकार ने उस पर चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने और चरमपंथी इस्लामी समूहों के प्रति सहानुभूति रखने का आरोप लगाया। उस देश में पुलिस को निर्देश दिया गया था कि वे उसकी सभाओं की सामग्री पर नजर रखें, क्योंकि उसके कार्यों के माध्यम से विभाजनकारी प्रकृति और घृणा फैलाई जा रही थी।

उन्होंने कहा कि अजहरी के खिलाफ यहूदी विरोधी नफरत भरे भाषणों, हिंदू धर्म को बदनाम करने और बंगाली संस्कृति को दानव की तरह पेश करने के अनगिनत उदाहरण हैं। इन सब बातों के बावजूद, और ये सब सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज होने के बावजूद, उन्हें यहां आने का वीजा मिल गया।

डेली टेलीग्राफ ने बताया कि बांग्लादेश में जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए ऑस्ट्रेलियाई संघ नामक सामुदायिक समूह द्वारा गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क से अजहरी को तत्काल देश से निकालने का अनुरोध किए जाने के बाद उनका वीजा रद्द कर दिया गया है।

अजहरी को 2021 में ब्रिटेन जाने वाली एक फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया था, जहां वे एक इस्लामी सम्मेलन में भाग लेने जा रहे थे। बांग्लादेश सरकार ने अजहरी के विवादास्पद बयानों के कारण उन्हें सभाओं में बोलने से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

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