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सिंधु जल समझौते का पूरा इस्तेमाल करेगा भारत, पंजाब-जम्मू और कश्मीर जल्द शुरू करेंगे शाहपुर कंडी बांध का काम

जाब और जम्मू-कश्मीर के बीच शाहपुर कंडी बांध प्रॉजेक्ट को लेकर एक जरूरी समझौता हुआ।

भारत से पाकिस्तान की ओर जाने वाली सिंधु नदी (फोटो-PTI)

सिंधु नदी जल समझौता (आईडब्ल्यूटी) के तहत भारत अब अपने हिस्से का पूरा इस्तेमाल करने जा रहा है। दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) के बीच सालाना बैठक होनी है और बैठक होने से कुछ दिन पहले ही भारत ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक बीते शुक्रवार (3 फरवरी) को पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच शाहपुर कंडी बांध प्रॉजेक्ट को लेकर एक जरूरी समझौता हुआ। 55 मीटर ऊंचे इस बांध का काम 2014 में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच विवाद के कारण रुक गया था। इस बांध के बनने से 206 MW बिजली बनाई जा सकेगी और पंजाब की लगभग 5000 हेक्टेयर और जम्मू-कश्मीर 32173 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। इस प्रॉजेक्ट के पूरा होने से भारत रावी, ब्यास और सतलुज नदी के पानी का पूरा इस्तेमाल कर सकेगा।

भारत ने उरी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की वार्ता या बातचीत रोक दी थी लेकिन अब भारत की सिंधु जल समझौता पर पाकिस्तान के साथ बैठक होनी है। बैठक लाहौर में इसी महीने में होनी है। कमीशन दोनों देशों के बीच हुए विवादों को सुलझाने के लिए बनाया गया है। समझौते के तहत भारत को पूर्वी नदियों के पानी का हिस्सा मिला है। हालांकि भारत ने पानी जमा करने के लिए किसी तरह की स्टोरेज फैसेलिटी नहीं डेवेलप की जिससे वह पानी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सकते हैं।

गौरतलब है भारत अब सिंधु जल समझौता का अपने पक्ष में पूरा इस्तेमाल करेगा। बीते साल 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव निपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में इसी मुद्दे पर एक जरूरी बैठक हुई थी। खबर के मुताबिक बैठक में जम्मू और कश्मीर के हाइड्रो पावर प्रॉजेक्ट्स के काम में तेजी लाने और समझौते के तहत पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित घाटी की पश्चिमी क्षेत्र की तीन नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी को स्टोर करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसे जरूरी मुद्दों पर बातचीत की गई थी। इस प्रॉजेक्ट की कीमत लगभग 2285.81 करोड़ रुपये होगी।

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