ब्रिटिश मूल के सिख विक्रम सिंह डिगवा को साउथैम्पटन यूनिवर्सिटी के 18 साल के छात्र हेनरी नोवाक की 21 सेंटीमीटर की कृपाण से हत्या करने का दोषी ठहराया गया है। कोर्ट के फ़ैसले के बाद धार्मिक वजहों से भी सार्वजनिक जगहों पर कृपाण ले जाने पर बैन की मांग शुरू हो गई। साउथैम्पटन क्राउन कोर्ट में जज के दिए गए इस फ़ैसले से मरने वाले पीड़ित के साथ अधिकारियों के बर्ताव को लेकर टू-टियर पुलिसिंग के आरोप भी लगे। यह आरोप विक्रम सिंह डिगवा के गलत साबित हो चुके दावे पर आधारित था। विक्रम ने कहा कि उसे नस्लीय भेदभाव की वजह से भड़काया गया था।
मां भी दोषी करार
विक्रम सिंह डिगवा की 53 साल की भारतीय नागरिक मां किरण कौर को घटनास्थल से हत्या का हथियार हटाकर उसकी मदद करने का दोषी ठहराया गया। गुरुवार के फ़ैसले के बाद साउथैम्पटन सेंट्रल पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शनकारी जमा हो गए। वहीं स्थानीय सांसद रॉबर्ट जेनरिक ने गृह मंत्री शबाना महमूद को चिट्ठी लिखकर टू-टियर पुलिसिंग पर संसदीय बहस की मांग की। सांसद रूपर्ट लोव ने सार्वजनिक जगहों पर कृपाण पर बैन लगाने की मांग की।
सिख फेडरेशन ने क्या कहा?
सिख फेडरेशन UK ने एक बयान जारी करके कृपाण की कानूनी स्थिति को साफ़ किया है। संगठन ने कहा, “कानून सिर्फ़ पूरी तरह से प्रैक्टिस करने वाले सिखों को धार्मिक कारणों से कृपाण पहनने का बचाव देता है। अगर किसी हिंसा में कृपाण या ब्लेड वाली चीज़ का इस्तेमाल गुस्से में किया जाता है, तो कृपाण के लिए कानून के तहत बचाव लागू नहीं होता और इसे एक खतरनाक हथियार माना जाता है।”
विपक्षी सांसद घटनास्थल से पुलिस बॉडीकैम फुटेज जारी करने की मांग कर रहे हैं। साउथेम्प्टन इचेन के सांसद डैरेन पैफ़ी ने कहा, “पब्लिक में ब्लेड ले जाना खतरनाक है और किसी हथियार को ‘सेरेमोनियल’ बताना कोई बचाव नहीं है जब उसका इस्तेमाल किसी आदमी की जान लेने के लिए किया जाता है।”
शैडो होम सेक्रेटरी क्रिस फिलिप ने कहा कि यह शर्मनाक था कि पुलिस ने हेनरी को मरते समय हथकड़ी पहनाई, खासकर जब उसने उन्हें बताया कि उसे चाकू मारा गया है। फिलिप ने कहा, “पुलिस को एक मरते हुए आदमी को बचाने के बजाय, नस्लभेदी कमेंट करने के आरोप में किसी को हथकड़ी लगाने में ज़्यादा दिलचस्पी लग रही थी। हेनरी के आखिरी शब्द थे, मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं। अगर वह एक एथनिक माइनॉरिटी होता तो शायद अब तक प्रोटेस्ट और दंगे हो चुके होते।”
एलन मस्क का बयान
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने शुरू में नोवाक को तब गिरफ्तार किया जब विक्रम डिग्वा ने उनसे कहा कि वह एक नस्लभेदी हमले का शिकार हुआ था। अधिकारियों ने नोवाक को तुरंत हथकड़ी लगा दी। जब उन्हें पता चला कि युवा मर रहा है, तभी उन्होंने फर्स्ट एड देना शुरू किया। इस मामले पर अरबपति एलन मस्क ने X पर लिखा कि वह कानून लागू करने वाली एजेंसियों के इन घटिया बहानों के खिलाफ गलत तरीके से मौत के मुकदमे के लिए फंड देंगे।
हैम्पशायर पुलिस ने नोवाक को हथकड़ी लगाने के लिए सबके सामने माफ़ी मांगी है और मामला इंडिपेंडेंट ऑफिस फॉर पुलिस कंडक्ट के पास भेजा है। एक प्रवक्ता ने कहा, “हम स्वतंत्र जांच कर रहे हैं कि हैम्पशायर और आइल ऑफ वाइट के अधिकारियों ने नोवाक की मौत से पहले क्या हुआ, जिसमें अधिकारियों द्वारा हथकड़ी का इस्तेमाल और दिया गया फर्स्ट एड शामिल है।”
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को अब मुफ्त नहीं मिलेंगी सुविधाएं
भारत में ईरान के राजदूत ने कहा कि कि ईरान के पास अभी भी जबरदस्त रक्षात्मक क्षमताएं हैं और वह अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि होर्मुज के पास सुविधाएं अभी फ्री नहीं रहेंगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
