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भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौता करने का इच्छुक: एबॉट

मेलबर्न। भारत के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता शुरू करने का इसे सही समय करार देते हुए प्रधामंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया साल भर के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता है चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की जिस पर 2005 से वार्ता चल रही […]

Author November 12, 2014 12:25 PM
ऑस्ट्रेलिया भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने का इच्छुक: एबॉट

मेलबर्न। भारत के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता शुरू करने का इसे सही समय करार देते हुए प्रधामंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया साल भर के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर करने का इच्छुक है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिकता है चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने की जिस पर 2005 से वार्ता चल रही है और उम्मीद है कि जब वहां के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस सप्ताहांत जी-20 की बैठक में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया आएंगे तो इस पर हस्ताक्षर हो जाएगा।

स्थानीय अखबार ‘द ऑस्ट्रेलियन’ में एबॉट के हवाले से कहा गया ‘‘मुझे लगता है कि ये हो गया है, अब निश्चित तौर पर से भारत के साथ समझौता करने पर ध्यान देंगे और यदि हम यह 12 महीने के भीतर कर लेते हैं तो बहुत अच्छा होगा।’’

यह पूछने पर कि क्या भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता शुरू करने का समय शुरू हो गया है, एबॉट ने कहा ‘‘हां निश्चित तौर पर। जब मैं कुछ महीने पहले भारत यात्रा पर गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बारे में बहुत उत्साहित थे। बहुत उत्साहित थे।’’

इधर मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन से पहले कहा ‘‘भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बहुत समानता है लेकिन हमारा राजनीतिक, रणनीति और आर्थिक संबंध संभावनाओं से बहुत कम है।’’

एबॉट और मोदी ब्रिस्बेन में इस सप्ताहांत हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में मुलाकात करने वाले हैं। मोदी पिछले 28 साल में पहले भारतीय प्रधानमंत्री जो ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जा रहे हैं।

प्रभावशाली विचार संस्था ऑस्ट्रेलिया इंडिया इंस्टीच्यूट (एएआई) के निदेशक अमिताभ मट्टू ने यहां कहा कि मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए किसी भारतीय प्रधानमंत्री का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण दौरा होगा।

मट्टू ने एक अखबार में लिखा कि प्रधानमंत्री एबॉट और मोदी के पास दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध को वास्तविक रणनीतिक भागीदारी में तब्दील करने का मौका होगा।

 

 

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