प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। यह सम्मान उन्हें दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए दिया गया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पीएम मोदी को यह सम्मान दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं पीएम मोदी के सामने यह स्वीकार करना चाहता हूं कि मैं आपके करियर को फॉलो करता हूं और आपके कई कार्यक्रमों को कॉपी भी करता हूं और मुझे यह स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है कि यह इंडोनेशिया जैसे बैकग्राउंड और समस्याओं वाले करोड़ों लोगों के लिए सफल हो सकता है… भारत ने बहुत तरक्की की है इसलिए मैं स्वीकार करता हूं कि मैं आपके करियर को फॉलो करता हूं… आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।’

राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है और यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में बेहद अहम है।

राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा, “इंडोनेशिया की संस्कृति, इतिहास और हमारे अनुभव पर हिंदू संस्कृति तथा भारतीय सभ्यता का गहरा प्रभाव रहा है। वास्तव में मैं कहूंगा कि हमारी भाषा के कम से कम 30 प्रतिशत और शायद 40 प्रतिशत शब्द संस्कृत से आए हैं। हमारे यहां बहुत से लोगों के नाम भी संस्कृत मूल के हैं। हमारा राष्ट्रीय प्रतीक ‘गरुड़’ भी भारतीय या हिंदू पौराणिक परंपरा और हिंदू संस्कृति से जुड़ा हुआ है।”

पीएम मोदी ने जताया आभार

पीएम मोदी ने कहा, ”मैं राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया की सरकार और यहां की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पुरस्कार भारत-इंडोनेशिया के मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि यह सम्मान हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के साथ-साथ भारत-आसियान संबंधों को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

यह भी पढ़ें- इंडोनेशिया को मिसाइलें देगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे में  भारत और इंडोनेशिया के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इन समझौतों में भारत और इंडोनेशिया के बीच सबांग पोर्ट को विकसित करना भी शामिल है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।