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जब चीनी राष्ट्रपति ने मुफ्त में जूते लेने से किया इनकार, पूछा- पैसे पूरे हैं न

सोशल मीडिया पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक जूते बेचने वाली महिला से मुखातिब हो रहे हैं। महिला उनसे मुफ्त में जूते लेने की गुजारिश करती है, मगर वे पैसे दिलाते हैं।

Author नई दिल्ली | March 13, 2018 2:51 PM
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने महिला वेंडर से मुफ्त जूते लेने से किया इन्कार( फोटो-वीडियो स्क्रीनशॉट)

सोशल मीडिया पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह एक जूते बेचने वाली महिला से मुखातिब हो रहे हैं। महिला उनसे मुफ्त में जूते लेने की गुजारिश करती है, मगर वे पैसे दिलाते हैं। कहते हैं कि किसी से मुफ्त चीज नही लेते और उन्हें किसी की दया स्वीकार करना भी पसंद नहीं है। चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क ने अपने फेसबुक पेज पर जैसे ही यह वीडियो अपलोड किया कि वायरल हो गया।

दरअसल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सिचुआन प्रांत के जैंकी गांव का दौरा करने गए थे। यह टूर गरीबी उन्मूलन प्रोग्राम के तहत उनका हुआ था। इस दौरान राष्ट्रपति हस्तनिर्मित कैनवास के जूते की दुकान का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान महिला विक्रेता ने उन्हें मुफ्त एक जोड़ी जूते लेने की पेशकश की। लेकिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मुफ्त में जूते लेने से इन्कार किया और पूरे पैसे दिले। आखिर में महिला से पूछ भी लिया कि पैसे पूरे हैं न राष्ट्रपति ने कहा कि वह कभी इस प्रकार की दयालुता नहीं स्वीकार करते।  मंगलवार(13 मार्च) को जब चीन की मीडिया कंपनी ने अपने फेसबुक पेज पर वीडियो को अपलोड किया तो 20 घंटे के भीतर पांच लाख से ज्यादा लोगों ने इस वीडियो को देखा। वीडियो में दिख रहा है कि राष्ट्रपति जूता विक्रेता महिला से हाथ भी मिलाते हैं।

बता दें कि  राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अब चीन में दबदबा और बढ़ गया है। हाल में वहां की संसद में एक प्रस्ताव पारित हुआ। जिससे अब जिनपिंग आजीवन राष्ट्रपति बने रह सकते हैं। चीन की संसद ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के लिए सिर्फ दो कार्यकाल की बाध्यता को प्रस्ताव पास कर खत्म कर दिया था। पार्टी ने इस फैसले के जरिेए शी जिनपिंग को संस्थापक अध्यक्ष माओ त्से तुंग के बराबर हैसियत प्रदान की। इससे पहले तक चीन में तानाशाही की स्थिति से बचने के लिए अधिकतम दो कार्यकाल यानी दस साल की व्यवस्था रही। माओत्से तुंग के बाद से इसका पालन चला आ रहा था। शी जिनपिंग का दूसरा कार्यकाल 2023 में खत्म हो रहा है। अब संविधान संशोधन के बाद वे जब तक मन करेगा, तब राष्ट्रपति बने रह सकते हैं।

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