ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ चुका है। ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर जो बैठक हुई थी, वह बेनतीजा होती नजर आ रही है। इसी वजह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाराज़ हो गए हैं। जारी बयान में उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पिछले 47 वर्षों से ईरान केवल बातचीत को टालने का काम कर रहा है और इस वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया कि अब हम इस मुद्दे को हमेशा के लिए सुलझा देंगे। समझने वाली बात यह है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिया है। इस युद्धपोत को लेकर ट्रंप ने कहा कि हमारे सामने ऐसी स्थिति खड़ी हो चुकी है कि हमें ईरान की ओर अपना बड़ा विमानवाहक पोत भेजना पड़ा है। अब मैं सिर्फ यह देखना चाहता हूं कि क्या सच में कोई समझौता हो पाएगा या नहीं। फिलहाल मुझे किसी भी तरह का समझौता होना मुश्किल लग रहा है। पिछली बार समझौता हो गया था।
अमेरिकी युद्धपोत और बढ़ता तनाव
अपने बयान में ट्रंप ने आगे कहा कि अगर इस बार समझौता नहीं हुआ, तो इन विमानवाहक पोतों की हमें जरूरत पड़ सकती है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि पिछले 8 महीनों में उन्होंने दुनिया में जारी 10 युद्धों को रुकवाया है। उन्होंने कहा, “हम इस समय पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने 10 महीनों में 8 युद्ध रुकवाए हैं। अभी कुछ और रुकवाने बाकी हैं, लेकिन मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता रूस और यूक्रेन का मुद्दा है। वहां काफी बर्बादी हो चुकी है और स्थिति बेहद खराब है। हालांकि, मुझे लगता है कि हम वहां भी समाधान के काफी करीब पहुंच चुके हैं।”
अमेरिका की क्या है आगे की रणनीति
इससे पहले भी राष्ट्रपति ट्रंप ऐसे ही बड़े दावे कर चुके हैं, उन्होंने ईरान को लेकर भी अपने बयान बदले हैं। पिछले महीने ही जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को निशाना बनाकर किए गए इजरायली हमले का समर्थन करेगा तो उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपनी परमाणु क्षमताओं को फिर से विकसित करने की कोशिश करता है तो वह ईरान पर तुरंत हमले का समर्थन करेंगे। ट्रंप ने कहा कि अगर वे मिसाइलों का निर्माण जारी रखेंगे तो परमाणु हथियारों का भी एक विकल्प होगा। दूसरा, हम इसे तुरंत करेंगे।”
ईरान पर हमला होगा या नहीं?
ट्रंप ने आगे कहा, “यह ज्यादा समझदारी भरा कदम है। पिछली बार जब हमने उन पर बड़ा हमला किया था, उससे पहले वे समझौता कर सकते थे।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने सुना है कि ईरान फिर से अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है और अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो हमें उन्हें हराना होगा। हम उन्हें हरा देंगे। हम उन्हें बुरी तरह से कुचल देंगे।”
