फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या में वृद्धि करेगा लेकिन उन्होंने इसकी कोई निश्चित संख्या नहीं बताई।
वर्तमान में फ्रांस के पास परमाणु अस्त्रों की संख्या 300 से कम बताई जाती है। संभवत: वर्ष 1992 के बाद यह पहली बार होगा जब फ्रांस अपने परमाणु आयुध में वृद्धि करेगा।
मैक्रों ने उत्तर-पश्चिमी फ्रांस के ले लोंग स्थित सैन्य प्रतिष्ठान में कहा, ”मैंने अपने शस्त्रागार में युद्धक हथियारों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।”
फ्रांसीसी राष्ट्रपति का भाषण यह स्पष्ट करने के उद्देश्य से था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बार-बार होने वाले तनाव के कारण महाद्वीप में उठाई गई चिंताओं के बीच फ्रांसीसी परमाणु हथियार यूरोप की सुरक्षा में किस प्रकार उपयुक्त बैठते हैं।
सहयोगी देशों में परमाणु हथियारों से लैस विमान तैनात करेगा फ्रांस
इस दौरान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस परमाणु हथियारों से लैस अपने विमानों को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात करने की अनुमति देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल के बारे में किसी दूसरे देश के साथ फैसले लेने का अधिकार शेयर नहीं किया जाएगा।
मैक्रों ने उत्तर-पश्चिमी फ्रांस के ल’इले लोंग्यू में एक मिलिट्री बेस पर एक भाषण में कहा कि इस बारे में ब्रिटेन, जर्मनी, पोलैंड, नीदरलैंड, बेल्जियम, ग्रीस, स्वीडन और डेनमार्क के साथ बातचीत शुरू हो गई है। ये वो देश हैं, जहां फ्रांंस बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन रखी गई हैं।
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