ईरान युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज देश को संबोधित किया। उन्होंने कई मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने गलत काम किया और उसे उसकी सजा मिली है। ट्रंप के मुताबिक इजरायल के साथ जारी उनका ऑपरेशन एपिक फ्यूरी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर बोला है कि ईरान के साथ कोई डील नहीं होने वाली है और उसे किसी भी कीमत पर परमाणु शक्ति नहीं बनने दिया जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देशों को अब थोड़ी हिम्मत दिखानी चाहिए, पहले उन्होंने नहीं दिखाई, जब हमने कहा तब नहीं दिखाई, लेकिन अब दिखाएं और जाकर उसे मुक्त करवाएं। ट्रंप ने आने वाले दिनों को लेकर भी भविष्यवाणी की है। उन्होेंने कहा है कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान बड़े हमले किए जाएंगे।
ईरान जंग पर बोले ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति का रास्ता ही रहा है, फिर भी उस शासन ने परमाणु हथियारों की अपनी लगातार खोज जारी रखी और किसी भी समझौते के हर प्रयास को ठुकरा दिया। इसी कारण से, जून में, मैंने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला करने का आदेश दिया।
ईरान को लेकर राष्ट्रपति बोले कि ईरान की रणनीति बहुत साफ थी। वे जितनी हो सकें उतनी मिसाइलें बनाना चाहते थे, और उन्होंने ऐसा ही किया-जितनी संभव हो उतनी लंबी दूरी वाली मिसाइलें बनाईं। और उनके पास कुछ ऐसे हथियार थे जिनके बारे में किसी को यकीन ही नहीं था कि वे उनके पास हैं। हमें अभी-अभी इस बारे में पता चला। हमने उन्हें खत्म कर दिया। हमने उन सभी को खत्म कर दिया ताकि कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत न कर सके।
जानकारी के लिए बता दें कि ईरान युद्ध को 34 दिन हो चुके हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन की शुरुआत की थी। अमेरिका के मुताबिक, वर्तमान में ईरान की एयर फोर्स काफी हद तक कमजोर हो चुकी है और उसके कई सैन्य ठिकानों को भी नष्ट कर दिया गया है। इसी वजह से कुछ दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के संकेत भी दिए थे।
ईरान-इज़रायल युद्ध का भारत पर भी व्यापक असर देखने को मिला है। कई राज्यों में अभी भी एलपीजी सप्लाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। सूरत की मिल इंडस्ट्री में सैकड़ों ऐसे मजदूर हैं जो अब अपने घर लौटने को मजबूर हैं। उन्हें न तो एलपीजी मिल पा रही है और न ही कोई दूसरी सुविधा।
महंगाई के मोर्चे पर भी चुनौतियां बढ़ गई हैं। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 195.50 रुपए बढ़ा दी गई है। इसका मतलब है कि रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए आने वाले दिन और ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं। ऐसे में रेस्टोरेंट में खाना भी महंगा हो सकता है। इसके साथ-साथ Zomato और Swiggy जैसे ऑनलाइन फूड ऐप भी ज्यादा पैसे वसूल सकते हैं।
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