अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकता है लेकिन वह इससे ज्यादा समय तक के लिए भी तैयार हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के ताजा हमलों के बाद सोमवार को पश्चिम एशिया में युद्ध काफी भीषण हो गया है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियान अच्छी तरह और निर्धारित समय से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पहले के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि यह अभियान चार से पांच सप्ताह का होना था।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से प्रमुख सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन के पास इस अभियान को जारी रखने की क्षमता है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस ईरान न केवल मध्य पूर्व बल्कि अमेरिकी जनता के लिए भी खतरा होगा। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका लगातार ईरान को रोकने के लिए दबाव बना रहा था।
हमले बढ़ना, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का मारा जाना और किसी भी स्पष्ट योजना का न होना इस बात का संकेत है कि यह लड़ाई लंबे समय तक जारी रह सकती है और इसके व्यापक नतीजे हो सकते हैं।
हवाई यातायात बंद, अव्यवस्था बढ़ी
ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा लगातार की जा रही बमबारी के कारण वैश्विक स्तर पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं। ईरान ने भी पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले किए, जिसके चलते हवाई अड्डे बंद कर दिए गए और कई जगहों पर यात्री फंस गए। दुनिया भर के देश अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। लोग होटल, हवाई अड्डों और क्रूज जहाजों पर फंसे हुए हैं। अभी यह पता नहीं है कि हवाई अड्डे कब खुलेंगे या पश्चिम एशिया से उड़ानें कब शुरू होंगी।
दुबई, अबू धाबी और दोहा के हवाई अड्डे ईरानी हमलों के कारण बंद हैं। जॉर्डन ने अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की, जिसके बाद यह उड़ान संकट और बढ़ गया।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया?
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया? इस सवाल को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यहां क्लिक कर पढ़िए पूरी खबर।
