राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की ओर से उन्हें एक बड़ा ‘तोहफा’ मिला है। उनके मुताबिक यह तोहफा परमाणु से जुड़ा नहीं, बल्कि तेल और गैस से संबंधित है। हालांकि, ट्रंप ने अभी यह साफ नहीं किया है कि ईरान से उन्हें आखिर क्या मिला है।

उन्होंने इतना जरूर कहा कि ईरान इस समय एक समझौता करना चाहता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना बर्बाद हो गई है और उसकी संचार व्यवस्था भी ठीक से काम नहीं कर रही है।

परमाणु हथियार को लेकर बोले ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान के पास इस समय परमाणु हथियार होता, तो वह अब तक उसका इस्तेमाल कर चुका होता। उनके मुताबिक, अगर उन्होंने बराक ओबामा के समय हुए ईरान परमाणु समझौते को खत्म नहीं किया होता, तो चार साल पहले ही ईरान के पास परमाणु हथियार होता और वह उसका इस्तेमाल भी कर चुका होता। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और वह सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

वहीं, ईरान की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने सोमवार को ऐसी सभी रिपोर्टों को निराधार बताया है।

15-सूत्रीय युद्धविराम योजना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना की पेशकश की है। एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात की तैयारी कर रही है ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके। पूरी खबर के लिए यहां क्लिक करें