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क्योंकि यह सास एक राष्ट्रपति हैं…

चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट अपनी बहू के खिलाफ एक स्थानीय अदालत की ओर से भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद रो पड़ीं। उन्होंने स्वीकार किया कि यह बेहद दर्दनाक अग्निपरीक्षा है।

Author रैंकागुआ | January 31, 2016 1:07 AM
चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट

’चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट की बहू कॉम्पैग्नन एक रियल इस्टेट कंपनी ‘कैवल’ के मालिकों में से एक हैं और जमीन की खरीद के मामले में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर कंपनी की जांच की जा रही है।
’साल 2014 में अपने मौजूदा कार्यकाल के लिए चुने जाने पर बैशलेट ने चिली में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का वादा किया था। इससे पहले वे 2006 से 2010 तक राष्ट्रपति रही थीं और कैवल मामले के कारण उनकी लोकप्रियता रेटिंग में रिकॉर्ड करीब 20 फीसद की गिरावट आई है।

चिली की राष्ट्रपति मिशेल बैशलेट अपनी बहू के खिलाफ एक स्थानीय अदालत की ओर से भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद रो पड़ीं। उन्होंने स्वीकार किया कि यह बेहद दर्दनाक अग्निपरीक्षा है। एक साल पहले मामला सामने आने के बाद चिली की जनता हैरान हो गई थी क्योंकि भ्रष्टाचार का मूल्यांकन करने वाली संस्था ‘ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल’ ने लातिन अमेरिका के भ्रष्ट देशों में चिली को सबसे कम भ्रष्टाचार वाले देशों की रैंकिंग में रखा था।

रैंकागुआ के मध्य शहर में स्थित अदालत ने मिशेल बैशलेट की बहू नतालिया कॉम्पैग्नन को देश छोड़कर जाने से रोकते हुए उन्हें जांच के दौरान एक साल के लिए हर महीने पुलिस को सूचित करते रहने का भी आदेश दिया। फैसले के बाद बैशलेट ने रुंधी आवाज में कहा, ‘मैं दिल से आपको बताना चाहती हूं कि यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत मुश्किल भरा और पीड़ादायक समय है।’

कॉम्पैग्नन का विवाह बैशलेट के पुत्र सेबेस्टियन डावलोस से हुआ है जो इससे पहले अपनी मां की सरकार में बगैर वेतन काम कर चुके हैं। बैशलेट की बहू कॉम्पैग्नन एक रियल इस्टेट कंपनी ‘कैवल’ के मालिकों में से एक हैं और जमीन की खरीद के मामले में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर कंपनी की जांच की जा रही है।

अदालत ने यह भी कहा कि कंपनी में कॉम्पैग्नन के सहयोगी मॉरिशियो वैलेरो को एक साल के लिए घर में नजरबंद रखा जाएगा। मामले में कुल 13 संदिग्धों पर नशीले पदार्थों के धंधे के लिए उकसाने, रिश्वतखोरी और कर धोखाधड़ी का आरोप है। आलोचकों ने कॉम्पैग्नन को जेल भेजने की मांग करते हुए कहा कि इस फैसले में बहुत नरमी बरती गई।

सुरक्षाकर्मी जब कॉम्पैग्नन को अदालत से ले जा रहे थे तब गुस्साई भीड़ ने उन्हें देखकर चोर कहा। साल 2014 में अपने मौजूदा कार्यकाल के लिए चुने जाने पर बैशलेट ने चिली में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का वादा किया था। इससे पहले वह 2006 से 2010 तक राष्ट्रपति रही थीं और कैवल मामले के कारण उनकी लोकप्रियता रेटिंग में रिकार्ड करीब 20 फीसद की गिरावट आई है।

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