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सिरिल रामाफोसा : मंत्रिमंडल में 50 फीसद जगह महिलाओं को

कैबिनेट में 50 फीसद महिलाओं के शामिल होने से अफ्रीका की सरकार लैंगिक समानता के मामले में दुनिया के गिने-चुने देशों में शुमार हो गई है। रामाफोसा ने कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 36 से घटा कर 28 कर दी है।

Author June 5, 2019 1:10 AM
कैबिनेट में 50 फीसद महिलाएं शामिल की गई हैं।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा की है। दक्षिण अफ्रीका के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब देश की कैबिनेट में 50 फीसद महिलाएं शामिल की गई हैं। इनमें एक महिला विपक्षी पार्टी की भी है। रामाफोसा ने विपक्षी पार्टी की अनुभवी राजनेता पेट्रीसिया डे लिली को अपनी कैबिनेट में शामिल किया है। वह गुड पार्टी की तरफ से चुनाव में खड़ी थीं। उन्हें ढांचागत विकास मंत्रालय का काम सौंपा गया है। रामाफोसा के मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दो नेता भी शामिल हैं।

कैबिनेट में 50 फीसद महिलाओं के शामिल होने से अफ्रीका की सरकार लैंगिक समानता के मामले में दुनिया के गिने-चुने देशों में शुमार हो गई है। रामाफोसा ने कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 36 से घटा कर 28 कर दी है। पिछले प्रशासन में कई मंत्रियों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आरोपों को लेकर व्यापक स्तर पर जताई गई चिंता के मद्देनजर रामाफोसा ने ज्यादातर दागी नेताओं को मंत्री नहीं बनाया है, लेकिन कुछ को बरकरार रखा है। उनके मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दो मंत्री- प्रवीण गोवर्धन और इब्राहिम पटेल- शामिल किए गए हैं। प्रवीण गोर्धन को सार्वजनिक उद्यम मंत्री के रूप में बरकरार रखा गया है। वे दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद विरोधी संघर्ष के जाने-माने नेता रहे हैं। हालांकि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं।

रामाफोसा ने सत्तारूढ़ अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) पार्टी को इस महीने की शुरूआत में हुए चुनावों में 57.5 फीसद बहुमत के साथ जीत दिलाई। भ्रष्टाचार के आरोपी जैकब जुमा के पिछले साल अपदस्थ होने के बाद रामाफोसा राष्ट्रपति के पद पर आसीन हुए थे और उन्होंने मंत्री पदों की संख्या बढ़ाई थी। उनकी पार्टी अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस ने आठ मई को आम चुनाव में जीत हासिल की थी।

अपने कैबिनेट के मौजूदा स्वरूप की घोषणा करते हुए रामाफोसा (66) ने बीते हफ्ते कहा, यदि हमें इस जनादेश को प्रभावी बनाना है तो हमें एक सक्षम, प्रभावी और नैतिकता के साथ काम करने वाली सरकार की जरूरत होगी। उनकी इस घोषणा का प्रसारण राष्ट्रीय स्तर पर टेलीविजन पर किया गया। रामाफोसा ने भ्रष्टाचार से लड़ने और देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने का संकल्प लिया।

दक्षिण अफ्रीका के लोगों ने कैबिनेट में लैंगिक समानता का स्वागत किया है। बिजनेस यूनिटी साउथ अफ्रीका (बुसा) की तान्या कोहन कहती हैं, ‘यह अच्छे संकेत हैं कि हमारे पास अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए डॉ. नालेदी पांदोर जैसी योग्य मंत्री हैं।’ हालांकि विपक्षी दल इकोनॉमिक फ्रीडम फाइटर पार्टी ने कैबिनेट को छोटा करने के कदम को बेईमानी भरा फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या कम करके उप-मंत्रियों की संख्या को बढ़ाया गया है।
रामाफोसा ने चुनावों के दौरान भ्रष्टाचार की जड़ को खत्म करने का प्रण लिया था। उनके इस प्रण पर सवाल खड़े होते हैं, क्योंकि उन्होंने उप राष्ट्रपति डेविड मबुजा को उनके पद पर बरकरार रखा है। मबुजा पर राजनीतिक हत्याओं और गैरकानून टेंडर में शामिल होने के आरोप लगे हैं, हालांकि वो इनसे इंकार भी करते रहे।

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