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नायक: अर्श से फर्श पर

अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में राबर्ट गैब्रिएल मुगाबे के 37 साल के शासन का अंत हो गया है।

Author Published on: November 22, 2017 6:04 AM
जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे हैं। उनके दो बेटे हैं। एक का नाम है- चातूंगा बेल्लारमाइन मुगाबे। जबकि, दूसरे वाले को रॉबर्ट जूनियर के रूप में जाना जाता है। बुधवार को चातूंगो को पिता ने महंगी घड़ी दिलाई। रिपोर्ट्स की मानें, तो इसकी कीमत अड़तिस लाख छत्तीस हजार नौ सौ तिरसठ रुपए (45 हजार ब्रिटिश पाउंड्स) है।

 

अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में राबर्ट गैब्रिएल मुगाबे के 37 साल के शासन का अंत हो गया है। मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। 1980 में जब उन्होंने गोरों की गुलामी से रोडेशिया को मुक्त कराया था, तब उनका सिर्फ उनके देश में ही नहीं, बल्कि समूचे अफ्रीका महाद्वीप में बहुत ऊंचा ओहदा था। लेकिन स्वतंत्रता के एक प्रमुख नायक का राजनीतिक सफर जब जिम्बाब्वे का राष्ट्रपति रहते हुए 93 साल की उम्र में नजरबंदी पर रुक गया तो वे अपनी ही देश की जनता की निगाहों में अलोकप्रिय हो चुके थे। मुगाबे के जाने का असर पूरे अफ्रीका महाद्वीप पर पड़ना तय माना जा रहा है। यूगांडा में विरोध का सामना कर रहे योवेरी मुसेवेनी और कोंगो में जोसेफ कबीला की सत्ता पर जिम्बाब्वे के बदलाव का असर पड़ सकता है। क्रांति के जरिये अपने देश को आजाद कराने वाले मुगाबे एक समय अफ्रीका ही नहीं बल्कि पश्चिमी देशों के लिए भी एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे लेकिन सत्ताकाल के हाल के वर्षों में उनकी वह छवि काफी बिगड़ी। बदहाल होती अर्थव्यवस्था और विरोध को कुचलने की प्रवृत्ति ने उन्हें अलोकप्रिय बना दिया। वैसे मुगाबे को प्रभावशाली वक्ता, विवादों में घिरा रहने वाला व्यक्ति एवं लोगों को ध्रुवीकृत करने वाला राजनीतिक माना जाता रहा है।

असंतोष के पीछे ग्रेस
पिछले दिनों मुगाबे के खिलाफ देशभर में जन असंतोष भड़का। इसकी एक वजह उनकी 52 साल की पत्नी ग्रेस मुगाबे मानी जा रही हैं। कहते हैं कि मुगाबे सत्ता उनको सौंपने की दिशा में बढ़ रहे थे और उनके उत्तराधिकारी उप राष्ट्रपति एमर्सन मननगाग्वा से उनके मतभेद सामने आने लगे थे। इस घटनाक्रम के बीच जनभावना को भांपते हुए बीते मंगलवार को सेना ने मुगाबे के अधिकार छीनते हुए उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया। इसके बाद उनके साथियों ने एक-एक करके उनका साथ छोड़ा। फिर पूरी पार्टी ने साथ छोड़ा और जनता सड़कों पर आ गई। बावजूद इसके मुगाबे सत्ता छोड़ने को तैयार नहीं थे। एक समय लग रहा था कि उन्हें महाभियोग लगाकर हटाना पड़ेगा और इसकी प्रक्रिया शुरू भी हो गई थी। वैसे इस बड़े नेता को सम्मानजनक विदाई देने का प्रयास नजरबंदी के बाद से जारी रखा गया था। जांबिया के पूर्व राष्ट्रपति केनेथ कौंडा निजी संबंधों के आधार पर मुगाबे को इस्तीफे के लिए तैयार करने के लिए हरारे पहुंचे। जिम्बाब्वे सरकार के दो उच्च अधिकारियों के अनुसार मुगाबे रविवार को इस्तीफा देने को तैयार हो गए थे। लेकिन वह अपने पत्नी ग्रेस (52) को हर तरह की जांच से दूर रखे जाने का वचन चाहते थे। पत्नी ग्रेस से मतभेद हो जाने पर ही मुगाबे ने हाल ही एमर्सन मननगाग्वा को उपराष्ट्रपति पद से हटाया था। वही एमर्सन मननगाग्वा अब राष्ट्रपति पद के सबसे बड़े दावेदार बनकर उभरे हैं। माना जाता है कि पिछले कई वर्षों से पर्दे के पीछे से ग्रेस ही देश की सत्ता चला रही थीं।मंगलवार को इस्तीफा देने से पहले जिम्बाब्वे की सत्तारूढ़ पार्टी रॉबर्ट मुगाबे पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी थी। मुगाबे पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी को संवैधानिक सत्ता में दखल देन की इजाजत दी। वैसे मुगाबे से सोमवार तक इस्तीफा देने को कहा गया था।

 

’93 साल के रॉबर्ट गैब्रिएल मुगाबे 22 दिसंबर 1987 से जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति थें।
’मुगाबे ने 1970 के दशक में देश के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। छापामार युद्ध के कारण उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनी।
’पेशे से अध्यापक रहे मुगाबे 1980 से 1987 तक देश के प्रधानमंत्री भी रहे थे।
’मुगाबे का जन्म 21 फरवरी, 1924 को हुआ। वे 1980 से देश का शीर्ष नेतृत्व कर रहे थें।
’वे पहली बार 1960 में जिम्बाब्वे अफ्रीकन नेशनल यूनियन पार्टी के नेता के तौर पर उस समय प्रसिद्ध हुए जब रोडेशिया में गोरे लोगों का अल्पसंख्यक राज चल रहा था।
’इस राज के खिलाफ नेशनल यूनियन ने (1964 से 1979) के दरमियान छापामार युद्ध छेड़ रखा था।
’जुलाई : राबर्ट मुगाबे ने उत्तराधिकार की लड़ाई में हस्तक्षेप को लेकर सैन्य अधिकारियों को आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि राजनीति को हमेशा सेना का नेतृत्व करना चाहिए और सेना को राजनीति नहीं करनी चाहिए, अन्यथा यह तख्तापलट होगा। ’6 नवंबर : उत्तराधिकार की दौड़ में शामिल उप राष्ट्रपति एमर्सन मननगाग्वा को मुगाबे ने बर्खास्त कर दिया ’13 नवंबर : सेना प्रमुख ने कहा कि विरोधियों के खिलाफ मुगाबे के अभियान में वह दखल दे सकते हैं ’14 नवंबर : सत्तारूढ़ जेडएएनयू-पीएफ पार्टी ने सेना प्रमुख के बयान की आलोचना की और उनकी टिप्पणी को देशद्रोह का आचरण निरूपित किया था।

’रॉबर्ट मुगाबे के पिता गैब्रिएल मैटेबिली मालावी में बढ़ई थे
’2000 में मुगाबे ने लॉटरी में एक लाख जिम्बाब्वे डॉलर जीते थे, जो उन्होंने पार्टी कोष में जमा कर दिए थे ’2013 में मुगाबे की शुद्ध संपत्ति करीब 10 मिलियन डॉलर थी ’उन्हें एक बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और 2015 में चीनी समकक्ष से सम्मानित किया गया था
’मुगाबे क्रिकेट खूब पसंद करते हैं।
वे स्कूल में टेनिस भी खेलते थे

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