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पॉलीटिकल एक्टीविस्ट को सोशल मीडिया पर महंगा पड़ा पाकिस्तानी आर्मी की निंदा करना, लग गई हथकड़ी

पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना को सरकार के साथ उसके कथित मनमुटाव के लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से बदनाम करने के मामले में इमरान खान की पार्टी के एक राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया है।
Author लाहौर | May 31, 2017 15:30 pm
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना को सरकार के साथ उसके कथित मनमुटाव के लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से बदनाम करने के मामले में इमरान खान की पार्टी के एक राजनीतिक कार्यकर्ता गिरफ्तार किया गया है। यह पाकिस्तान के विवादास्पद साइबर अपराध कानून के तहत दर्ज किया गया पहला मामला है। संघीय जांच एजेंसी ने सेना एवं सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के कुछ मंत्रियों के बारे में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ के कार्यकर्ता अदनान अफजल को लाहौर में कल गिरफ्तार किया। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले पर पिछले साल अक्तूबर में डॉन समाचार पत्र में छपी एक खबर की जांच के लिए गठित समिति की निष्कर्ष संबंधी नवाज शरीफ सरकार की अधिसूचना को ‘‘खारिज’’ करते हुए सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशंस ने एक ट्वीट किया था।

इस ट्वीट को 10 मई को वापस ले लिया गया था। इसके बाद संदिग्ध ने सैन्य कर्मियों की निंदा की थी। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि शरीफ की सरकार ने अक्तूबर में राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक की विषयवस्तु लीक करके खबर में भारत के पक्ष का समर्थन किया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री शरीफ ने की थी।

शरीफ ने बैठक के दौरान सेना से कहा था कि वह वर्ष 2008 में मुंबई में हुए हमले के मास्टमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जेयूडी और जेईएम एवं हक्कानी नेटवर्क जैसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे अन्यथा देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग पड़ जाएगा। सरकार ने डॉन को बैठक की सूचना लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए गठित जांच समिति की सिफारिश पर संघीय सूचना मंत्री परवेज राशिद, विदेश मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक तारिक फातेमी और प्रेस सूचना अधिकारी राव तहसीन को पदों से हटा दिया था।

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